अयोध्या को विश्व स्तरीय सिटी बनाने के लिए सभी विभाग अपनी पूरी क्षमता के साथ करें कार्य


मुख्य सचिव ने अयोध्या में चल रहे विकास कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण

निरीक्षण के उपरान्त मुख्य सचिव ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा-निर्देश


लखनऊ/अयोध्या:
मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में अयोध्या को विश्व स्तरीय धार्मिक पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने हेतु अयोध्या विजन डाक्यूमेंट डेवलपमेंट/गतिमान परियोजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा बैठक आयुक्त कार्यालय सभागार में आहूत की गयी।
         अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने कहा कि अयोध्या में श्री राम जन्म-भूमि मंदिर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। वर्ष 2023 के अंत तक मूल गर्भगृह का निर्माण पूरा हो जायेगा और जनवरी, 2024 से इसे भक्तों के लिए खोल दिया जायेगा, जिससे अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लाखों की वृद्धि होगी, इसलिये आगामी 6 माह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। अयोध्या में निर्माणाधीन विभिन्न पथ यथा रामपथ, भक्ति पथ व जन्मभूमि पथ के निर्माण कार्य के लिए आगामी दो माह बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि जुलाई माह में बरसात के कारण कार्य बाधित हो सकता है इसलिए अधिक से अधिक मानव संसाधन बढ़ाकर दिन-रात दोनों शिफ्टों में 24X7 कार्य को और तेजी से किया जाय।
          उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अयोध्या में निर्माणाधीन कार्याें में व्यक्तिगत रुचि रखते हुये करायें तथा उनमें यह भावना होनी चाहिए कि हम अयोध्या के निर्माण के साक्षी बनें। आगामी दिनों में अयोध्या में श्रद्वालुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी। हमारी यह जिम्मेदारी है कि देश-विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं को बेहतर से बेहतर सुविधायें उपलब्ध करायी जायें। अयोध्या में स्थित सभी धर्मशालाओं एवं होम स्टे का एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाये और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाय, जिससे आने वाले श्रद्धालु घर बैठे ही बुकिंग कर सुविधायें प्राप्त कर सकें। अयोध्या में प्रस्तावित टेन्ट सिटी को जल्द से जल्द विकसित कर उसका संचालन कराया जाये।
           भविष्य में अयोध्या आने वाले श्रद्वालुओं को सुगम यातायात उपलब्ध कराने हेतु चल रही परियोजनाओं की समीक्षा करते हुये उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को बुनियादी सुविधायें उपलब्ध हों, इसके लिए एक बेहतर कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाये। श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी को देखते हुये ट्रेनों की संख्या बढ़ायी जाये तथा अयोध्या में निर्मित बस स्टाप को और विकसित किया जाये तथा उसके सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर अण्डर पास बनाया जाये, जिससे लखनऊ से अयोेध्या आने वाले श्रद्वालुओं को सुगम यातायात की सुविधा मिल सकें।
            उन्होंने कहा कि आगामी दिसम्बर माह तक अयोध्या धाम में 50 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध करायी जाये, जिससे अयोध्या के अंदर श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा हों। उन्होंने अयोध्या में प्रस्तावित 06 प्रमुख प्रवेश द्वारों में भूमि अर्जन की कार्यवाही जल्द से जल्द पूर्ण कर वहां पर मूलभूत सुविधायें उपलब्ध कराते हुये भव्य प्रवेश द्वारों का निर्माण कार्य किया जाये, जिसमें पार्किंग फूडकोर्ट आदि की सुविधायें श्रद्धालुओं को उपलब्ध करायी जायें।
            उन्होंने कहा कि अयोध्या में प्रमुख स्थानों पर फूड प्लाजा एवं फूड कोर्ट आदि की सुविधायें श्रद्धालुओं को उपलब्ध करायी जायें। उन्होंने कहा कि अयोध्या को स्वच्छ एवं सुन्दरतम नगरी के रूप में विकसित करने हेतु आवश्यक है कि इन्दौर की भांति कूड़े का कलेक्शन डोर टू डोर शत प्रतिशत किया जाये तथा यहां के आम नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाये।
             उन्होंने मण्डलायुक्त से कहा कि जिन परियोजनाओं एवं सरकारी भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण होने वाला है, उनकी एक सूची तैयार करा ली जाये, जैसे ही कार्य पूर्ण हो उनका संचालन सुनिश्चित कराया जाये। निर्मित सभी सरकारी भवनों एवं सरकारी परियोजनाओं में अयोध्या की ब्राडिंग की जाये। उन्होंने सभी परियोजनाओं में अयोध्या की ब्राडिंग करते हुये अयोध्या की भावना को विकसित करने पर विशेष बल दिया।
             निर्माणाधीन तुलसी स्मारक भवन की समीक्षा करते हुये उन्होंने मण्डलायुक्त से कहा कि यदि निर्माण कार्य के डिजाइन में कोई त्रुटि है, तो उसकी जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों की जवावदेही तय की जाये। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार आप सभी अपना स्वयं का घर बनाते समय एक-एक बारीकियों का ध्यान रखते हैं, उसी प्रकार इन सभी सरकारी भवनों के निर्माण में भी बारीकियों को जरूर ध्यान रखा जाये।
              उन्होंने अयोध्या बसखारी मार्ग की भी समीक्षा की। सम्बंधित अधिकारियों द्वारा बताया गया कि उक्त मार्ग में अकबरपुर बाईपास में दो रेलवे ओवरब्रिज हैं, जिस कारण इस कार्य में विलम्ब हो रहा है, जिस पर उन्होंने कहा कि 10 किमी0 बाईपास निर्माण में दो रेलवे ओवरब्रिज कैसे पड़ रहे इसकी जांच की जाये और सम्बन्धित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाये।
               बैठक से पूर्व, मुख्य सचिव ने अयोध्या के गुप्तारघाट के फेस-1, फेस-2, फेस-3 का निरीक्षण किया तथा निर्माणाधीन एस0टी0पी0 प्लांट, अयोध्या के नयाघाट सहित विभिन्न घाटों एवं प्रमुख स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गुप्तारघाट में छायादार वृक्षों को रोपण कराने तथा सभी घाटों को साफ-सुथरा रखने के निर्देश दिये।
             अयोध्या को सोलर सिटी बनाने के दृष्टिगत इस कार्य को और गति देने के लिए उन्होंने सूर्य रथ यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस यात्रा के द्वारा लोगों को सौर ऊर्जा के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया गया।
             बैठक के उपरांत मुख्य सचिव ने निर्माणाधीन मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम एयरपोर्ट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि रन-वे का कार्य पूर्ण हो गया है तथा एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग का कार्य अंतिम चरण में है। उन्होंने निर्माण कार्याें की प्रगति की सराहना की तथा उन्होंने रन-वे पर चलकर देखा। इसके पश्चात उन्होंने अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित सूर्यकुण्ड का निरीक्षण किया तथा कराये गये कार्याें की सराहना की और सूर्यकुण्ड में जगह-जगह पर कूड़ेदान रखने के निर्देश दिये।
              इससे पूर्व, बैठक में मण्डलायुक्त अयोध्या श्री गौरव दयाल द्वारा अयोध्या में निर्माणाधीन विभिन्न परियोजनाओं के प्रगति एवं विकास कार्याें के सम्बन्ध में बिन्दुवार प्रस्तुतीकरण दिया गया।
             जिलाधिकारी अयोध्या श्री नितीश कुमार ने अयोध्या में निर्माणाधीन परियोजनाओं के प्रगति की जानकारी दी तथा इन सभी परियोजनाओं में आने वाली समस्याओं मुख्य सचिव के समक्ष रखा।
             उपाध्यक्ष अयोध्या विकास प्राधिकरण एवं नगर आयुक्त श्री विशाल सिंह ने अयोध्या में निर्माणाधीन विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी दी।
            बैठक में अपर मुख्य सचिव आवास एवं शहरी नियोजन श्री नितिन रमेश गोकर्ण, प्रमुख सचिव सिंचाई श्री अनिल गर्ग, प्रमुख सचिव परिवहन श्री एल0वेंकटेश्वर लू सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के प्रमुख सचिव एवं मण्डलीय अधिकारीगण आदि उपस्थित रहे।


Scroll To Top
Translate »