लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने निर्देश दिये कि आगामी 31 दिसम्बर तक प्रदेश के समस्त जनपदों के जिला न्यायालयों एवं 64 जिला कारागारों में वीडियो कान्फ्रेन्सिंग कक्ष स्थापित कर क्रियाशील कराया जाये। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुछ जनपदों में वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से विचाराधीन बन्दियों को रिमाण्ड की कार्यवाही प्रारम्भ हो जाने के फलस्वरूप अन्य समस्त जनपदों में आगामी दिसम्बर माह के अन्त तक प्रारम्भ कराने हेतु आवश्यक उपकरणों की पारदर्शिता के साथ क्रय प्रक्रिया पूर्ण कराते हुये कनेक्टिविटी की व्यवस्था करायी जाये। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय लखनऊ बेंच में बायोमीट्रिक कार्ड के माध्यम से प्रवेश की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही आगामी 15 जून तक न्यायालय के आदेशानुसार पूर्ण करा ली जाये।मुख्य सचिव आज यहां शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में प्रदेश की कारागारों में विचाराधीन बन्दियों की वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से रिमाण्ड पर प्रस्तुत करने की कार्ययोजना बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एन0आई0सी0 द्वारा प्रदेश के सभी स्वीकृत कारागारों तथा जनपद न्यायालयों की इकाइयों हेतु वीडियो कान्फ्रेन्सिंग की बेहतर उपलब्धता हेतु आई0पी0एड्रेस प्राथमिकता के आधार पर निर्गत करा दिये जायें, ताकि स्थापित कराये जा रहे उपकरणों को कनेक्टिविटी मिल सके तथा उन्हें क्रियाशील कराया जा सके। उन्होंने कहा कि जनपद न्यायालय स्तर पर कक्ष यथाशीघ्र उपलब्ध कराया जाये और यदि कक्ष उपलब्ध नहीं है, तो कक्ष के निर्माण हेतु स्थल का चयन शीघ्र कराया जाये, ताकि कक्ष निर्माण होने पर आपूर्तित उपकरणों को साज-सज्जा सहित स्थापित करने की व्यवस्था की जा सके।
श्री रंजन ने कहा कि वीडियो कान्फ्रेन्सिंग इकाइयों की स्थापना होने तक वीडियो कान्फ्रेन्सिंग का कार्य ब्राडबैण्ड के माध्यम से करायी जाये, ताकि विचाराधीन बन्दियों को रिमाण्ड पर प्रस्तुत करने का कार्य सुचारु रूप से हो सके। उन्होंने 06 कारागारों-आदर्श कारागार लखनऊ, केन्द्रीय कारागार आगरा, केन्द्रीय कारागार फतेहगढ़, केन्द्रीय कारागार बरेली, केन्द्रीय कारागार वाराणसी तथा 06 जनपद न्यायालयों-हापुड़, संभल, चन्दौली, अमेठी, अमरोहा तथा शामली में उपकरणों की व्यवस्था कराये जाने का प्रस्ताव यथाशीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कारागारों एवं जनपद न्यायालयों में वीडियो कान्फ्रेन्सिंग कक्ष निर्माण एवं उपकरणों को स्थापित करने में किसी प्रकार का विलम्ब न हो। उन्होंने कहा कि वीडियो कान्फ्रेन्सिंग कक्ष से सम्बन्धित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित मानक एवं पूर्ण गुणवत्ता के साथ यथाशीघ्र पूर्ण कराया जाये।
बैठक में प्रमुख सचिव गृह श्री देवाशीष पण्डा, प्रमुख सचिव कारागार श्री राजेन्द्र कुमार तिवारी, सचिव गृह श्री कमल सक्सेना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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