
lucknow. अमर सिंह मेनस्ट्रीम पॉलिटिक्स में भले एक्टिव न हों. लेकिन जब भी वे मीडिया के सामने आते हैं, वे कुछ न कुछ ऐसा धमाका कर जाते हैं, जो राजनीति के गलियारे के अंदरखाने की खबर दे जाती है. कभी समजवादी पार्टी में पलकों पर बिठाए जाने वाले अमर सिंह आजकल समज्वादी पार्टी, मुलायम सिंह और उनके बेटे अखिलेश यादव से बेहद नाराज चल रहे हैं. उनकी नाराजगी उनके समज्वादी पार्टी और अखिलेश यादव को लेकर बयानों में साफ छलकती और झलकती है. वे अपने अंदाज में ही राजनीति की परिभाषा गढ़ने वाले माने जाते हैं. अमर सिंह वाराणसी पहुंचे थे कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के बेटे की शादी में शिरकत करने. यहां भी वे अपने बयानों का बम फोड़ने से नहीं चूके. उन्होंने अखिलेश यादव, आजम खान और कांग्रेस को निशाने पर लिया बड़ा हमला बोला. अमर सिंह ने अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि वे अधिकारियों की ही तरह अपने पिता, चाचा और अमर अंकल से तलवे चाटने की उम्मीद कर रहे थे. उन्होंने आजम खान के समधी पर बहू के यौन उत्पीड़न के आरोप और अखिलेश के बंगला विवाद पर बेबाक टिप्पणी की है.
उन्होंने अखिलेश से अपने रिश्ते खराब होने के मुद्दे पर भी खुलकर अपने विचार रखे. मायावती ने नहीं अखिलेश ने किया है आत्मसमर्पण अमर सिंह ने बिना लाग लपेट के अखिलेश यादव और मायावती के गठबंधन के बारे में बोलते हुए कहते हैं कि अखिलेश यादव तो पैदा ही राजकुमार हुए थे, न कभी डंडा खाए, न ही कोई संघर्ष किया. सपा में वापसी के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें मौत मंजूर होगी. लेकिन वे सपा में नहीं जाएंगे. उनके मुताबिक़ वे भले राजनीतिक मौत मरें हो या फिर शरीर से लेकिन सपा की तरफ रुख नहीं करेंगे. मायावती और अखिलेश के गठबंधन पर अमर सिंह ने कहा कि अखिलेश ने आत्मसमर्पण किया है. मायावती आज भी उनके पिता मुलायम सिंह, चाचा शिवपाल और बेनी प्रसाद को जेल भिजवाने पर तत्पर हैं.
अखिलेश खुलेआम कहते हैं कि मायावती उनकी बुआ हैं और उनसे उनका कोई झगड़ा नहीं है. बुआ और बबुआ में कोई झगड़ा नहीं है. झगड़ा अखिलेश की बुआ और ‘पप्पा’ का है अमर सिंह कहते हैं कि झगड़ा अखिलेश की बुआ और उनके ‘पप्पा’ के बीच अभी भी चला रहा है. पप्पा जेल जाएं, बेदखल हो जाएं बिटवा को क्या मतलब है? अमर सिंह के मुताबिक़ समाजवादी पार्टी में उन्हें बुलाने का मतलब कि कहीं कुछ गड़बड़ हो जाये तो ठीकरा फोड़ने के लिए एक मजबूत सर और नामी-गिरामी कंधा चाहिए. उन्होंने कसम खाते हुए कहा कि वे अब तो मुलायम सिंह की कॉल भी नहीं उठाते. अमर सिंह आज भी मुलायम सिंह को परम आदरणीय बताते हैं. लेकिन वे यह बताना नहीं भूलते कि मुलायम सिंह उन्हें अपने घर पिछले दरवाजे से आने को कहते थे. मुलायम सिंह के मुताबिक़ अमर सिंह को देखकर उनके बेटे अखिलेश, आजम खान और रामगोपाल यादव नाराज हो जाते थे. अमर सिंह ने सवाल पूछा, “क्या मैं राजनितिक वेश्या हूं, जो अंधेरे में पिछले दरवाजे से अंदर आऊं और सुबह होने से पहले निकल जाऊं ताकि कोई उन्हें देख न सके? अखिलेश भूल जाएं कि मैं तलवा चाटू हूं अखिलेश की उनसे नाराजगी होने के अमर सिंह ने बड़े ही तीखे शब्दों में अखिलेश यादव पर हमला किया.
उनके मुताबिक़ अखिलेश सीएम बने तो उन्हें लगने लगा कि जैसे अधिकारी उनके तलवे चाट रहे थे, वैसे ही उनका एक पैर उनके पिता चाटें और दूसरा उनके चाचा और अंकल (अमर सिंह) चाटें. उन्होंने कहा कि वे किसी भी हाल में पैर चाटू नहीं हो सकते. उन्होंने बगल में बैठे ओमप्रकाश राजभर का उदाहरण देते हुए कहा कि इन्हें वे मंत्री तक नहीं मानते, ये सीएम भी बन जाएंगे तो भी उनके भाई ही रहेंगे. उन्होंने कहा कि संबंध स्थायी होते हैं और सत्ता अस्थायी. उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन व्यक्तिगत सम्बन्ध वहीं बने रहेंगे. सैद्धांतिक मतभेद भी होंगे तो उनकी चर्चा घर में अकेले में होगी. उन्होंने राजभर का उदहारण देते हुए कहा कि आजतक सार्वजनिक रूप से एक उन दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ एक शब्द नहीं कहा है.
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