
नई दिल्ली | दिल्ली में 26वें राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के स्थापना दिवस समारोह में पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आतंकवाद और नक्सलवाद के शिकार लोगों की तुलना में मानवाधिकारों का बड़ा उल्लंघन नहीं हुआ है। यहां भारत के मानवाधिकार आयोग ने अपनी सिल्वर जुबली मनाई।
शाह ने कहा कि हमारा देश, हमारी संस्कृति और समाज हमेशा से संकुचित सोच से कहीं ऊपर वासुधैव कुटुंबकम की सोच रखते हैं। क्योंकि जब आप सारी दुनिया को अपना परिवार समझते हैं तो वासुधैव कुटुंबकम के अंदर ही मानवाधिकार का दायित्व समाहित दिखाई पड़ता है।
शाह ने आगे कहा कि जहां बच्चों और महिलाओं के अधिकार का सवाल है तो हमारे समाज में मानवाधिकार से जुड़ी व्यवस्थाएं पहले से इनबिल्ट है। महिलाओं और बच्चों के अधिकार की बहुत सारी चीजें बिना कानून के सुरक्षित हैं। शाह ने कहा कि गांधी जी के 150 साल हम मनाने जा रहे हैं। पूरा विश्व गांधी जी के सिद्धांतों के आधार पर आगे बढ़ने के लिए गांधी का 150वां वर्ष उपयोग करने जा रहा है। हम सब चाहते हैं कि गांधी जी के सिद्धांत रिलिवेंट होकर सामने रखे जाएं क्योंकि गांधीजी के सिद्धांत शाश्वत हैं, अटल हैं।
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