लोक निर्माण विभाग बस्ती के प्रान्तीय खण्ड में तैनात अधिशाषी अभियंता के उत्पीड़न से नाराज अवर अभियंताओं ने आज विभागाध्यक्ष बरनवाल का घेराव किया



– प्रमुख अभियंता ने की कार्रवाई की संस्तुति, मंत्री से करेगें कार्रवाई का आग्रह

लखनऊ। लोक निर्माण विभाग बस्ती के प्रान्तीय खण्ड में तैनात अधिशाषी अभियंता अनिल कुमार द्वारा उत्पीड़न करने से नाराज अवर अभियंताओं ने आज विभागाध्यक्ष इं. आर.सी. बरनवाल का घेराव कर उक्त अधिशासी अभियंता को सम्बद्ध कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। 17 दिसम्बर के धेराव के बावजूद कार्रवाई न होने से नाराज अवर अभियंताओं ने एक बार फिर विभागाध्यक्ष कार्यालय के समक्ष धरना दिया। इसके पश््चात राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष एवं पूर्व अध्यक्ष डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ इं. हरिकिशोर तिवारी, डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के महासचिव इं. जी.एन. सिंह, कार्यवाहक अध्यक्ष इं. दिवाकर राय, महामंत्री इं.वी.के. कुशवाहा, अतिरिक्त महामंत्री एन.डी. द्धिवेदी विभागाध्यक्ष से वार्ता में विभागाध्यक्ष ने अपनी तरफ से उक्त अधीक्षण अधिशाषी के खिलाफ कार्रवाई तथा मध्यम सत्र में किए गए तबादले निरस्त करने का प्रस्ताव भेज देने के साथ इस मामले में विभागीय मंत्री से मिलकर आदेश का आग्रह करने का आश्वास दिया।

धरने का संचालन करते हुए डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के मण्डल अध्यक्ष राजर्षि त्रिपाठी ने बताया कि अधिशासी अभियंता के खिलाफ आज राजधानी सहित पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन दिया गया। उन्होंने बताया विभागाध्यक्ष के आश्वासन के बाद तय किया गया कि अगर निर्धारित समय में कार्रवाई नही की गई तो प्रदेश स्तर पर आन्दोलन के साथ कार्यबहिष्कार का निर्णय लिया गया है।

डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष इं. दिवाकर राय के नेतृत्व में सौ से अधिक अवर अभियंताओं ने नारेबाजी करते हुए उक्त दोषी अधिशासी अभियंता के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी। संघ के अतिरिक्त महामंत्री इं. एन.डी. द्विवेदी ने बताया कि अधिशासी अभियंता अनिल कुमार द्वारा बस्ती में तैनात अवर अभियंताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। इससे अवर अभियंताओं सहायक अभियंताओं और ठेकेदारो में आक्रोश व्याप्त है। व्ययवर्तन के लिए अवर अभियंताओं के विरूद्ध पत्राचार कर आरोपित किया जाना, बिना आरोप पत्र जारी हुए, बिना जाॅच के ही दोषी दिखाकर स्थानानतरण करना, चार्ज आदान प्रदान के लिए सर्कुलर द्वारा निर्धारित समय न देकर अवमुक्त करने की धमकी देने के कारण तनावग्रस्त हुए अवर अभियंता इं0 हरीश कुमार का 17 दिसम्बर को प्रातः निधन हो गया था। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया तो ‘‘ व्ययवर्तन ’’ अवर अभियंता के कार्य क्षेत्र से बाहर है। ऐसे मंे इसके लिए अवर अभियंता को दोषी नही बनाया जा सकता। इसके बाद भी जब तक आरोप पत्र निर्गत न हो और जाॅच न हो तो असमय स्थानान्तरण नही होना चाहिए। जाॅच होने के बाद अगर अवर अभियंता दोषी पाया जा तभी कोई दण्डात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन बिना दोष के मध्य सत्र में स्थानान्तरण किया जाना एवं चार्ज आदान प्रदान के बिना ही अवमुक्त करना नैसर्गिक न्याय के विरूद्ध कृत्य है। उन्होंने कहा कि इसी मनमानी के चलते उन्होंने असमय आठ अवर अभियंताओं के स्थानान्तरण 5 दिसम्बर 19 को कर दिये।

संघ ने विभागाध्यक्ष से अधिशासी अभियंता को तत्काल सम्बद्ध करते हुए उक्त अवर अभियंताओं के तबादले निरस्त करने की मांग की है। धरने में इं. पी.के. शुक्ला, राजेश वर्मा, के.के. गौतम, ए.के. त्रिपाठी, राजकरन पटेल, रामेश्वर यादव,इं.एन. मिश्रा,इं.रामवीर सिंह,इं. रवि कुमार वर्मा,इं. इं. जीतनारायण तिवारी,इं. अरविन्द पोरवाल, आदि मौजूद थे।


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