
lucknow | केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री अनुप्रिया पटेल बीजेपी पर दबाव बनाती दिख रही हैं। वहीं उनकी पार्टी के ही एक विधायक बगावत पर उतर आए हैं। बीजेपी पर आरोपों को लेकर अनुप्रिया की पार्टी अपना दल (एस) के विश्वनाथगंज से विधायक आरके वर्मा ने पार्टी अध्यक्ष आशीष पटेल को निशाने पर लिया है।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए वर्मा ने पटेल पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि जब पार्टी के विधायकों और समाज का उत्पीड़न हो रहा था, उस समय आशीष पटेल क्यों नहीं बोले। 2019 लोकसभा चुनाव से ऐन पहले पार्टी विधायक के आरोपों के बाद अब अपना दल (एस) के भीतर ही स्थिति असहज हो गई है।
बता दें कि इससे पहले आरके वर्मा केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल पर भी निशाना साध चुके हैं। वर्मा ने जुलाई में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था, जो (अनुप्रिया) अपनी मां की नहीं हो सकती, वह भला भारतीय जनता पार्टी और कुर्मी समाज की क्या होगी? इससे सिर्फ कुर्मी समुदाय का सौदा होगा और कुछ नहीं।’
पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल (एस) भी एलजेपी की ही रणनीति अपनाते दिखी थी। दरअसल, अनुप्रिया ने अपना दल (एस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के उस बयान का समर्थन किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि बीजेपी नेतृत्व को राजस्थान, एमपी और छत्तीसगढ़ जैसे हिंदीभाषी राज्यों में हार से सीखना चाहिए और उसपर मंथन करना चाहिए। इससे पहले, राम विलास पासवान की एलजेपी ने दबाव की रणनीति अपनाकर बीजेपी को बिहार में मनमाफिक सीट शेयरिंग के लिए मजबूर किया था।
आशीष पटेल ने यह भी कहा था कि इस हार से एनडीए में शामिल दलों के नेता और कार्यकर्ता निराश और हताश हो गए है और सहयोगी दल के जनप्रतिनिधियों को उचित सम्मान नहीं मिल रहा है। ऐसे में अगर पार्टी के प्रदेश नेतृत्व का यही रवैया रहा तो एनडीए को यूपी में सर्वाधिक क्षति हो सकती है। आशीष के इस बयान को 2019 से पहले दबाव की राजनीति माना जा रहा है। उधर, अब उनकी ही पार्टी में मतभेद की खबरें सामने आने लगी हैं।
https://rashtriyadinmaan.com
