लखनऊ | भारतीय जनता पार्टी ने अखिलेश सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि किसान वर्ष मनाने का दावा करती अखिलेश सरकार न तो धान खरीद पा रही है न ही अभी तक चीनी मिले कब तक पेराई शुरू कर देगी इसका खाका तैयार हो गया है। प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि बिचैलियों के हाथों औने-पौने दामों में किसान धान बेचने पर मजबूर है। अब गन्ना पेराई के लिए मिलों का समय तय नहीं हो पा रहा है, कोल्हू पर गन्ना बेचने को किसान मजबूर है। उन्होने अखिलेश सरकार से मांग की कि धान खरीद केन्द्रों पर खरीद हो, गन्ना मिले पेराई शुरू करने की तिथि की घोषणा करे।उन्होंने कहा कि धान खरीद में खाना-पूर्ति चालू है लगातार लक्ष्य से कम खरीद करती अखिलेश सरकार की नीतियों के कारण किसान बिचैलियों के हाथ मोहरा बना हुआ है। धान खरीद में कमीशन एजेन्ट का खेल अलग है। दावे बड़े-बड़े है किन्तु सच्चाई है कि 6 मण्डलो में एक भी क्रय केन्द्र नहीं खोले गये है। प्रदेश का किसान मजबूरी में पड़ोसी राज्यों में अपना धान बेचने में मजबूर है। स्वाभाविक है जब उसका धान नहीं बिकेगा तो उसे बचने के लिए दूसरी जगह जायेगा और जब दूसरी जगह जायेगा तो पकड़ा जायेगा, यूपी बार्डर पर दर्जनों ट्रक पकड़े भी गये।
श्री पाठक ने कहा कि राज्य का गन्ना किसान लगातार सरकार की मिल मालिक पोषक नीतियों के कारण परेशान और बदहाली में जी रहा है। अक्सर ऐसा हो रहा है कि जब समस्या मुहाने पर आने के बाद सरकार उसके समाधान के बारे में विचार करती है। हर बार चीनी मिले नवम्बर के प्रथम और द्वितीय सप्ताह के आस-पास चलनी होती है। किन्तु लगातार देरी हो रही है। सरकार की उदासीनता के कारण अभी तक पेराई की तारीख घोषित नहीं की गयी है। गेहूॅ की बुआई करने वाले किसान खेत खाली करने के चक्कर में कोल्हूओ पर बेचने को मजबूर हो रहे है, क्यों कि गन्ना मिले पेराई का समय जारी नहीं की है स्वाभाविक है विलम्ब के कारण गेहूॅ की फसल प्रभावित होगी।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि दावो में ही किसान हितैषी की बाते हो रही है वास्तविकता है कि राज्य का किसान अखिलेश राज में भरोसे की पोटली के सहारे सपा सरकार की ओर टकटकी लगाये देख रहा है और सरकार सूखाग्रस्त जिलों की रिपार्ट प्राप्त कर उन्हें सूखाग्रस्त तक नहीं घोषित कर पा रही है। पहले भी सरकार की लापरवाही समय किसानों को सूखा राहत का पैसा नहीं मिल पाया। राज्य का किसान धान खरीद, गन्ना पेराई की तिथि तय न होने और सूखे की स्थिति के कारण आवश्यक सहायता की आस में है।
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