ऐशबाग रामलीला समिति का छलका दर्द : पिछले तीन महीनों से चैती मेले की फाइल सांस्कृतिक विभाग में धूल फांक रही है


ऐशबाग स्थित रामलीला मैदान

अधिकारी कह रहे हैं कि बाबा तो कहीं भी जाते हैं और घोषणाएं कर आते हैं

रामलीला समिति ने योगी और अधिकारियों को घेरा

लखनऊ। राजधानी के ऐशबाग स्थित रामलीला मैदान में शुक्रवार को योगी सरकार की जमकर बखिया उधेड़ी गई और और उनके नाक के नीचे अधिकारी कैसे खेल खेल रहे हैं। इसका एक जीता जागता उदाहरण जनता के सामने आ गया। ऐशबाग रामलीला समिति एवं तुलसी शोध संस्थान उ.प्र. के तत्वाधान में पिछले कई वर्षों से चैती मेला का आयोजन रामलीला मैदान में होता रहा है। शुक्रवार को इसी सिलसिले में एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया था जिसमें समिति के पदाधिकारियों का दर्द ना केवल छलका बल्कि बांध तोड़ कर बह निकला। समिति के सचिव पण्डित आदित्य द्विवेदी ने कहा कि इस रामलीला मैदान में प्रधानमंत्री मोदी जैसी विभूतियां पधार चुकी है और स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां खुले मंच से घोषणा की थी कि 2018 के भारतीय नववर्ष महोत्सव का पूरा खर्च उत्तर प्रदेश का सांस्कृतिक विभाग उठाएगा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले तीन महीनों से चैती मेले की फाइल सांस्कृतिक विभाग में धूल फांक रही है और अधिकारी कह रहे हैं कि बाबा तो कहीं भी जाते हैं और घोषणाएं कर आते हैं।

उन्होंने कहा कि ये देखों ये फाइलों का गठ्ठर पड़ा है, एक मुख्यमंत्री का है, दो उपमुख्यमंत्रियों के है और तमाम स्टोर में भरे पड़े हैं, हम किस-किस को देखे। पण्डित द्विवेदी ने साफ कहा कि योगी जी का बस अधिकारियों पर नहीं चल रहा है और ऐसा तब हो रहा है जब कि समिति से उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। सूरजकुंड मेले में सरकार ने सरकारी अफसरों की बीबियों और चाटुकारों पर करोड़ों रुपए लुटा दिए पर यहां सच्चे लोक कलाकारों को पूछने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि समिति अपने खर्च पर मेले इत्यादि का आयोजन करती रहती है और ये आयोजन सरकारी आयोजनों से कहीं अधिक सफल होते हैं।

समिति के सदस्य तथा हास्य कवि सर्वेश अस्थाना ने सांस्कृतिक विभाग को चोरों की जमात बतातें हुए कहा कि विभाग ने 9 करोड़ रुपए का बजट खर्च ना कर वापस भेज दिया पर चैती मेले को एक फूटी कौड़ी तक नहीं दी। मालिनी अवस्थी का नाम लेते-लेते रूक गए कवि अस्थाना ने कहा कि या तो मुख्यमंत्री योगी झूठ बोलते हैं या उनका अधिकारियों पर जोर नहीं चल रहा है। सरकारी अधिकारियों के रिश्तेदार और चेले मलाई चाट रहे हैं और प्रदेश लोककला तथा संस्कृति की देखरेख करने वाला कोई नहीं है।

समिति के अध्यक्ष हरीशचंद्र अग्रवाल ने बीजेपी सरकार से नाराजगी जाहिर करते हुए कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। 18 को चैती मेले का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा करेंगे और 27 को समापन तक प्रतिदिन देशभक्ति, लोक परम्पराओं पर आधारित नाटिकाओं का मंचन, लोकगीत, लोकनृत्य, शास्त्रिय संगीत आदि का आयोजन किया जाएगा। कवि सम्मेलन के साथ 11 विभूतियों को तुलसी गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा तथा विभिन्न प्रकार के झूलों के साथ साथ भारतीय व्यंजनों के भी स्टाल लगाए जा रहे हैं। श्री अग्रवाल ने बताया कि भारतीय परम्पराओं से ओत-प्रोत मेले में लोक गायन, नृत्य, फिल्मी गायन तथा लेखन की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है और मेले में प्रवेश निरूशुल्क रहेगा।


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