
गोरखपुर. सीएम योगी आदित्यनाथ ने बीएचयू के छात्रों को सीधा सन्देश दिया है, उन्होंने सभी स्टूडेंट्स से बेख़ौफ़ होकर पढ़ाई के लिए वापस आने के लिए कहा है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि स्टूडेंट्स के खिलाफ जो मुकदमे दर्ज हुए हैं उन्हें राज्य सरकार बिना देरी किये वापस लेगी. सीएम योगी के इस बयान से बीएचयू के लगभग 1200 स्टूडेंट्स को राहत मिलेगी, जिनके खिलाफ लाठीचार्ज के बाद पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए थे.
इससे पहले उन्होंने मंगलवार को दिए गए एक बयान में कहा था कि उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र-छात्राओं के खिलाफ किसी भी तरह की दमनात्मक कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. सीएम योगी नवरात्रि के मौके पर गोरक्षपीठ पहुंचे हुए हैं. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बीएचयू सहित सभी यूनिवर्सिटीज और डिग्री कॉलेजेज से आग्रह किया गया है कि वे छात्रों से संवाद बनाक्र रखें. अगर वे ऐसा नहीं कर पा रहे तो ये दुर्भ्गय्पूर्ण स्थिति है. शिक्षा संस्थानों में गुरु-शिष्य का भाव होना आवश्यक है. कुलपति, प्रोक्टोरियल बोर्ड के सदस्य और टीचर्स अपने छात्रों से संवाद बनाकर रखें तो ऐसी कोई समस्या नहीं आएगी जिसका कोई हल न हो.
सीएम ने लाठीचार्ज के मामले पर बोलते हुए कहा कि इसके लिए राज्य सरकार ने इसके न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं. इसकी रिपोर्ट आने के बाद उसके आधार पर पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि इस मामले में पहले ही कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है. सीएम ने कहा कि छात्रों और पत्रकारों पर जो लाठीचार्ज के मामले में भी दोषी वक्तियों की पहचान की जा रही है, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. सीएम योगी ने कहा कि इस मामले में बीएचयू के वीसी जीसी त्रिपाठी की भूमिका की भी जांच हो रही है और इस बारे में रिपोर्ट के आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. उन्होंने इस मामले को विपक्ष द्वारा मुद्दा बनाए जाने पर कहा कि विपक्ष के पास इसमें कोई भी मुद्दा नहीं है और बेरोजगार विपक्ष इस तरह की घटनाओं को हवा दे कर सरकार के खिलाफ लोगों को भड़का रहा है. उन्होंने इसके लिए विपक्षी पार्टियों की निंदा की और कहा कि और उनके पास कोई मुद्दा नहीं है वह पूरी तरह से मुद्दाविहीन हो चुके हैं.
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