
लखनऊ |
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रदेश में बिजली संकट गहराता जा रहा है। रोजाना लम्बी अवधि के लिए बिजली कटौती होने से जनता त्राहि-त्राहि करने लगी है। राजधानीवासी भी यह संकट झेलने को मजबूर हैं। ऐसा लगता नहीं कि जल्दी राहत मिलेगी।
भाजपा राज में बिजली व्यवस्था पटरी से पूरी तरह उतर गई है। प्रदेश के ऊर्जामंत्री की विभाग के अतिरिक्त तमाम व्यस्तताएं हैं। इससे अधिकारी मनमानी करने को स्वतंत्र हैं। लाइन हानि पर रोक नहीं हो पा रही है। बिजली चोरी और बढ़ते फाल्ट के साथ ट्रांसफार्मर फुंकने की घटनाएं बढ़ गई हैं। सरकार और शक्तिभवन के एसी कक्षों में बैठे लोगों को आम जनता की मुसीबतों से कोई वास्ता नहीं है। ट्यूबवेलों को समय से ऊर्जीकृत नहीं किए जाने से किसान परेशान है।
अखिलेश यादव ने कहा समाजवादी सरकार ने ऊर्जा संकट से निबटने के लिए कई बिजलीघरों की स्थापना के साथ बंद पड़ी विद्युत इकाईयों को फिर शुरू कराया था। ग्रामीण क्षेत्रों में फीडर सेपरेशन हुआ था। सौर ऊर्जा के तहत मार्च 2017 तक 500 मेगावाट की सोलर परियोजनाएं स्थापित हुई थी। समाजवादी सरकार के समय ग्रामीण क्षेत्रों में 14 से 16 घंटे, शहरी क्षेत्रों में 22 से 24 घंटे विद्युत आपूर्ति सुलभ थी। बिजली की सप्लाई 16 हजार मेगावाट तक पहुंच गई थी।
भाजपा सरकार में न तो एक सबस्टेशन का निर्माण हुआ और नहीं एक यूनिट विद्युत उत्पादन हुआ। उपभोक्ताओ के हितों की अनदेखी करते हुए भाजपा सरकार उल्टे उनका उत्पीड़न कर रही है। झूठी बयानबाजी से ही भाजपा सरकार अपना काम चला रही है। जनता उनके बहकावे में आनेवाली नहीं है।
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