
यूपीए सरकार के दौरान हुई राफेल डील की मौजूदा सरकार के दौरान हुए सौदे को लेकर विस्तारपूर्वक तुलना करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ झूठे प्रचार किए गए, क्योंकि पिछले चार वर्षों के दौरान उन्होंने साफ सुथरी सरकार चलाई है।
लोकसभा में राफेल पर बहस के दौरान जवाब देते हुए निर्मला ने कहा- “मुझे यह कहते हुए घृणा हो रही है। मैं बोफोर्स की तुलना नहीं करना चाहती हूं। क्योंकि, बोफोर्स एक घोटाला था जो कांग्रेस को सत्ता से नीचे लाया… राफेल मोदी को वापस लाएगा ताकि न्यू इंडिया बनाया जा सके।”
सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस की नेतृत्ववाली पिछली सरकार पर आरोप ये हैं कि लड़कू विमानों के ‘खरीदने की उनमें इच्छा नहीं थी।’ उन्होंने आगे कहा- ‘राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में था और इसकी उसे कोई चिंता नहीं थी। सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण था।’
रक्षामंत्री ने यह आरोप लगाया कि कुछ ऐसी चीजें थी जो उन्हें सूट नहीं किया। जिसके चलते फ्रांस के रक्षा उत्पादक दसॉल्ट के साथ यूपीए सरकार के दौरान समझौते पर दस्तखत करने से रोका। सीतारमण ने कहा- “रक्षा सौदे और रक्षा में सौदा दो अलग चीज है। हमने रक्षा सौदे नहीं किए। हमने राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखकर रक्षा का सौदा किया है।”
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