बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सूखे से प्रभावित लोगों को हर संभव मदद दिलाने हेतु वरिष्ठ अधिकारीकैम्प लगायें: मुख्य सचिव


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लखनऊ:     उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने बुन्देलखण्ड मण्डल के मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को कड़े निर्देश दिये हैं कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र में सातों जनपदों में सूखे से प्रभावित लोगों को हर संभव मदद दिलाने हेतु ग्राम स्तर पर कैम्प लगाये जायें। उन्होंने बुन्देलखण्ड के सातों जनपदों हेतु खाद्यान्न हेतु 02-02 करोड़ रुपये की धनराशि एवं पशुओं के चारे के लिये 01-01 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है, जिसका वितरण पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित कराया जाये।
उन्होंने कहा कि कृषि निवेश अनुदान मद में भी 84.50 करोड़ रुपये की धनराशि सूखा प्रभावित 21 जनपदों को कृषि निवेश अनुदान मद में भी स्वीकृत की गयी है। उन्होंने कहा कि सूखा घोषित 50 जनपदों में से 21 जनपदों में कृषि फसलों को हुई क्षति को दृष्टिगत रखते हुये प्रभावित किसानों को मदद उपलब्ध कराने हेतु कृषि निवेश अनुदान की 356.39 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कर निर्गत की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वीकृत 356.39 करोड़ रुपये की धनराशि में बांदा हेतु 38 करोड़, चित्रकूट हेतु 20 करोड़, हमीरपुर हेतु 04 करोड़, जालौन हेतु 45 लाख, ललितपुर हेतु 60 करोड़ तथा झांसी हेतु 25 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वीकृत धनराशि का वितरण पात्र किसानों को अब चेक के माध्यम से अथवा नगद धनराशि से न देकर कोषागार के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में ई-पेमेण्ट के माध्यम से सीधे उपलब्ध कराया जायेगा। इससे किसानों के शोषण की संभावना नहीं रहेगी तथा उन्हें सहायता राशि शीघ्रता से प्राप्त हो सकेगी।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में बुन्देलखण्ड में सूखा राहत कार्यों में प्रभावित किसानों को यथावश्यक मदद दिलाने के लिये तेजी लाने हेतु सम्बन्धित वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड में विद्युत आपूर्ति कम से कम 20 घंटे सुनिश्चित कराने हेतु विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बुन्देलखण्ड में कैम्प कर हो रही विद्युत आपूर्ति की स्वयं निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनपद चित्रकूट में ट्रांसमिशन हेतु आवश्यकतानुसार सब स्टेशन का निर्माण भी कराया जाये। उन्होंने प्रमुख सचिव संस्थागत वित्त को भी निर्देश दिये कि बैंकर्स अधिकारियों की बैठक कर आवश्यक निर्देश देते हुये यह सुनिश्चित करायें कि प्रभावित किसानों को राहत चेक वितरण में किसी भी स्तर पर विलम्ब न होने पाये। उन्होंने बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिये कि किसानों के द्वारा अपने खाते से धन आहरित करने में उन्हें सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि सूखे से प्रभावित किसानों के पशुओं को चारे का वितरण एवं किसानों को मनरेगा योजना के अन्तर्गत रोजगार उपलब्ध कराया जाये।
श्री रंजन ने कहा कि सूखे से प्रभावित गांवों में पेयजल की आपूर्ति टैंकरों से सुनिश्चित कराने हेतु आवश्यकतानुसार टैंकरों की व्यवस्था सुनिश्चित कराने हेतु नियमानुसार किराये से लेने अथवा खरीदने की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि निरन्तर अनुश्रवण सुनिश्चित कर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत पात्र किसानों को खाद्यान्न का वितरण पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित करायें। उन्होंने कहा कि मण्डलीय एवं जनपदीय अधिकारी गांवों का भ्रमण कर आम नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराये जा रही सुविधाओं की जानकारी अवश्य उपलब्ध करायें।
बैठक में प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद श्री सुधीर गर्ग, प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री संजय अग्रवाल, प्रमुख सचिव राजस्व श्री सुरेश चन्द्रा, प्रमुख सचिव उद्यान श्रीमती निवेदिता शुक्ला वर्मा, मण्डलायुक्त चित्रकूट श्री एल0 वेंकटेश्वर लू, जिलाधिकारी झांसी श्री अनुराग यादव, निदेशक कृषि सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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