
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने सी0जी0 सिटी परियोजना के साथ-साथ आई0टी0 सिटी तथा अमूल द्वारा जनपद कानपुर एवं लखनऊ में स्थापित किए गए दुग्ध प्लाण्ट का आज लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन परियोजनों से प्रदेश के नौजवानों को रोजगार के नये अवसर मिलेंगे। साथ ही चक गंजरिया का यह इलाका आने वाले समय में विश्व मानचित्र पर जाना जाएगा।
मुख्यमंत्री आज यहां चक गंजरिया स्थित सी0जी0 सिटी में कैंसर इंस्टीट्यूट, आई0टी0 सिटी, सी0जी0 सिटी, अमूल परियोजनाओं का लोकार्पण करने के साथ ही जनपद सम्भल के मुख्यालय भवन, इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय तथा जनपद बिजनौर एवं चन्दौली में राजकीय मेडिकल काॅलेज तथा शान-ए-अवध का शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने लोक निर्माण विभाग की कई परियोजनाओं का भी लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नये अवसर पैदा करने एवं किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी सरकार द्वारा संचालित कामधेनु डेयरी परियोजना की बदौलत प्रदेश दुग्ध उत्पादन के मामले में पहले नम्बर पर है। जिसको देखते हुए दुनिया भर में मशहूर अमूल ब्राण्ड ने प्रदेश में निवेश करने का काम किया शुरू किया है। राज्य सरकार द्वारा बनासकाठा जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ को लखनऊ, कानपुर आदि नगरों में निवेश के लिए सुविधाएं प्रदान की गई हैं। इसी कड़ी में आज सी0जी0 सिटी में नवनिर्मित 05 लाख लीटर दैनिक दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता के करीब 255 करोड़ रुपए की लागत से तैयार अमूल प्लाण्ट का लोकार्पण किया गया है। यहां छाछ, दही, पनीर तथा आइसक्रीम का भी उत्पादन किया जाएगा।
ज्ञातव्य है कि विभिन्न जनोपयोगी परियोजनाओं के लिए लखनऊ नगर में भूमि उपलब्ध कराने हेतु पशु पालन विभाग के चक गंजरिया फार्म की 846.49 एकड़ भूमि में सी0जी0 सिटी परियोजना प्रारम्भ की गई है। सी0जी0 सिटी परियोजना में आधारभूत विकास कार्यांें के लिए डी0पी0आर0 लागत लगभग 2100 करोड़ रुपये अनुमोदित की गई है। परियोजना के तहत आई0टी0 सिटी, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण प्लाण्ट, उत्तर प्रदेश प्रशासनिक अकादमी, आधुनिक मेडीसिटी एवं कैंसर इंस्टीट्यूट, पी0पी0पी0 मोड पर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल आदि के निर्माण के लिए विभिन्न विभागों को 320 एकड़ भूमि उपलब्ध करायी गई है। शेष 526.49 एकड़ भूमि लखनऊ विकास प्राधिकरण को दी गई है।
प्राधिकरण द्वारा प्राप्त भूमि में से सड़क, सीवर, डेªनेज, विद्युतीकरण आदि बुनियादी सुविधाओं के विकास एवं ई0डब्ल्यू0एस0/एल0आई0वी0 भवनों के निर्माण के बाद शेष भूमि नीलामी द्वारा निस्तारित की जाएगी। प्राधिकरण द्वारा 10 एकड़ भूमि पर संस्कृति स्कूल, 5 एकड़ भूमि पर सी0एस0आई0 टावर तथा 10 एकड़ भूमि पर ई0डब्ल्यू0एस0/एल0आई0वी0 भवन का निर्माण कराया जा रहा है। सी0जी0 सिटी परियोजना के तहत जोनल सड़क, सीवरेज, केबल डक्ट, फुटपाथ तथा साइकिल ट्रैक का कार्य पूरा हो चुका है। एस0टी0पी0, ओवर हैड टैंक, सी0एस0आई0 टावर, संस्कृति स्कूल का कार्य तेजी से चल रहा है। अगले सत्र से संस्कृति स्कूल में अध्यापन कार्य प्रारम्भ हो जाएगा।
इसी प्रकार आई0टी0 सिटी परियोजना का भी लोकार्पण आज मुख्यमंत्री द्वारा किया गया है। प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए आई0टी0 सिटी की स्थापना की गई है। परियोजना का साकार करने के लिए एच0सी0एल0 समूह की कम्पनी मेसर्स वामा सुन्दरी इन्वेस्टमेन्ट्स का चयन किया गया। इस परियोजना के लिए एक स्पेशल परपज वेहिकल ‘मैसर्स आई0टी0 सिटी एच0सी0एल0 आई0टी0 सिटी (लखनऊ) प्रा0लि0’ गठित की गई है। 10 वर्षाें की अवधि में विकसित होने वाली इस परियोजना के पहले चरण में आधारभूत सुविधाओं का विकास, एंकर निवेशक द्वारा 30 एकड़ भू क्षेत्र में सूचना प्रौद्योगिकी इकाई की स्थापना तथा 10 एकड़ भू क्षेत्र में कौशल विकास केन्द्र की स्थापना की जानी है। एच0सी0एल0 द्वारा परियोजना को काफी तेजी से क्रियान्वित किया गया। कौशल विकास केन्द्र का निर्माण तेजी से पूरा करके प्रशिक्षण कार्य आरम्भ भी कर दिया गया है। आने वाले वर्षाें में यहां प्रतिवर्ष 05 हजार से अधिक छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आई0टी0 सिटी को भारत सरकार द्वारा विशेष आर्थिक क्षेत्र (एस0ई0जेड0) का दर्जा दिया गया है। यहां स्थापित इकाइयों एस0ई0जेड0 के सभी लाभ एवं प्रोत्साहन मिलेंगे। इस परियोजना के माध्यम से यहां 1500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा तथा लगभग 75 हजार व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री नेआज यहां राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के शिलान्यास/लोकार्पण एवं आधुनिकतम किसान बाजार, लखनऊ के उद्घाटन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में जगह-जगह पर किसान बाजारों, मण्डियों इत्यादि की स्थापना इस उद्देश्य से की जा रही है कि किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी हो, उन्हें उनकी उपज का वाजिब और लाभकारी मूल्य मिले, ताकि और उनमंे खुशहाली आए।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 1932.36 करोड़ रुपए के 3180 निर्माण कार्यों का लोकार्पण करने के साथ-साथ 1103.10 करोड़ रुपए के 2022 निर्माण कार्यों का शिलान्यास भी किया। इस प्रकार कुल 3035.46 करोड़ रुपए लागत के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। उन्होंने जिन परियोजनाओं का लोकार्पण किया, उनमंे जनेश्वर मिश्र योजना के तहत 2311 गांवों के 924.40 करोड़ रुपए लागत के विकास कार्य, 164.79 करोड़ रुपए लागत के 584 एग्रीकल्चरल मार्केटिंग हब तथा लखनऊ, सैफई, झांसी, कन्नौज तथा कासगंज में निर्मित किसान बाजारों का भी लोकार्पण किया।
श्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए कृषि एवं कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है। खाद्य प्रसंस्करण आधारित गतिविधियों को भी राज्य में बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में कामधेनु योजना के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही, अमूल और मदर डेयरी जैसी संस्थाओं द्वारा प्रदेश में अपने दुग्ध संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे प्रदेशवासियों को प्रचुर मात्रा में दुग्ध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि मण्डी परिषद राज्य के किसानों को और बेहतर सेवाएं किस प्रकार से दे इस पर विचार किया जाएगा और उसे और अधिक किसानोन्मुखी बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना का लाभ बड़े पैमाने पर किसानों को मिल रहा है। इस योजना के अन्तर्गत चयनित गांवों में अवस्थापना सुविधाओं का विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा स्थापित कराए गए किसान बाजारों में किसान अपनी उपज सीधे उपभोक्ताओं को बेच सकते हैं। भविष्य में राज्य सरकार तहसील तथा ब्लाॅक स्तर पर ऐसे किसान बाजारों की स्थापना सुनिश्चित करेगी।
इससे पूर्व कार्यक्रम स्थल पहुंचने के उपरान्त उन्होंने समारोह का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पुरस्कार भी वितरित किए।
इस अवसर पर राज्य सरकार के मंत्रिगण श्री रामगोविन्द चैधरी, श्री राजेन्द्र चैधरी, श्री अभिषेक मिश्र, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार श्री आलोक रंजन सहित मण्डी परिषद के अध्यक्ष श्री काशीनाथ यादव, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री प्रदीप भटनागर, निदेशक मण्डी परिषद श्री राजशेखर सहित मण्डी परिषद के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान व गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
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