
मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। प्रदेश के सभी जनपदों में केन्द्र व राज्य सरकार की विकासपरक तथा लोक कल्याणकारी योजनाओं के संचालन का अभियान चलाए जाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि समस्त मण्डलायुक्त अपने सभी जनपदों की विकास व निर्माण योजनाओं के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद आगरा, मेरठ, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलन्दशहर, अलीगढ़, गाजियाबाद, कानपुर नगर, झांसी तथा बस्ती में प्रोफेसर स्तर के वरिष्ठ एवं अनुभवी विशेषज्ञ को भेजा जाए, जो स्थानीय मेडिकल टीम को उपचार सम्बन्धी उचित परामर्श तथा सहयोग प्रदान करेंगे। उन्होंने इन जनपदों में प्रमुख सचिव/सचिव स्तर के अधिकारियों को नामित करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह अधिकारीगण सम्बन्धित जनपद में कैम्प करते हुए जिला प्रशासन के कार्यों का पर्यवेक्षण करते हुए अधिकारियों का सहयोग करेंगे।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनपदों में तैनात अपर निदेशक तथा संयुक्त निदेशक स्तर के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी यह सुनिश्चित कराएं कि अस्पतालों में मरीजों को दवा, शुद्ध व सुपाच्य भोजन तथा पीने के लिए गुनगुना पानी नियमित तौर पर मिले तथा चिकित्सालयों की साफ-सफाई व्यवस्था भी चुस्त-दुरुस्त बनी रहे। उन्होंने कहा कि निजी टेस्टिंग लैब के कार्यों का प्रभावी अनुश्रवण किया जाए। उन्होंने नगरीय क्षेत्रों में निगरानी समितियों के सर्विलांस कार्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छता आवश्यक है। कोरोना को परास्त करने में साफ-सफाई एक महत्वपूर्ण हथियार है। इसलिए लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के सम्बन्ध में प्रयास जारी रखे जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम के दौरान कहीं भी पेयजल का संकट न होने पाए। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में पेयजल की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि वहां किसी भी दशा में में पानी की कमी न होने पाए।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि पुलिस द्वारा नियमित रूप से फुट पेट्रोलिंग करते हुए सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी भीड़ एकत्रित न होने पाए। पी0आर0वी0 112 की वैन लगातार पेट्रोलिंग करती रहें। पुलिस की बीट व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखा जाए। नियमित तौर पर रात्रि गश्त की जाए। उन्होंने कहा कि सुदृढ़ कानून व्यवस्था राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसलिए इस सम्बन्ध में किसी भी स्तर पर लापरहवाही अथवा उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार, पुलिस महानिदेशक श्री हितेश सी0 अवस्थी, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल तथा श्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव एम0एस0एम0ई0 श्री नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव कृषि श्री देवेश चतुर्वेदी, सचिव मुख्यमंत्री श्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक श्री शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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