मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त ग्राम विकास अधिकारियों की आॅन-लाइन जनपद आवंटन प्रणाली का शुभारम्भ किया


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नव नियुक्त 2942 ग्राम विकास अधिकारियों को जनपद आवंटित करने की कम्प्यूटरीकृत प्रक्रिया सम्पन्न
मुख्यमंत्री ने ग्राम विकास अधिकारियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किये
लखनऊ|  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि ग्राम विकास अधिकारी ग्रामीण लोगों के जीवन को दिशा दे सकते हंै। ग्राम विकास अधिकारियों द्वारा प्रतिबद्ध होकर प्रयास किए जाने से प्रदेश के सभी गांवों में खुशहाली आ सकती है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से बेघर को घर, शौचालय निर्माण, विद्युत कनेक्शन, मनरेगा के तहत जाॅब कार्ड, महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन, गरीब परिवारों को राशन, विभिन्न योजनाओं के तहत पेंशन आदि सुविधाएं उपलब्ध कराने में ग्राम विकास अधिकारियों की बड़ी भूमिका है। ग्राम विकास अधिकारी का कार्य बड़ी जिम्मेदारी और पुण्य का कार्य है। ग्राम विकास अधिकारियांे को यह अवसर पूर्व जन्म के पुण्य कर्मों के कारण मिला है।
मुख्यमंत्री  आज यहां डाॅ0 राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के सभागार में नव नियुक्त ग्राम विकास अधिकारियों की आॅन-लाइन जनपद आवंटन प्रणाली के शुभारम्भ तथा उनकी एक दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यशाला के अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  ने आॅन-लाइन जनपद आवंटन प्रणाली का शुभारम्भ करने के पश्चात लगभग 30 ग्राम विकास अधिकारियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किये।
इस मौके पर नव नियुक्त कुल 2942 ग्राम विकास अधिकारियों को जनपद आवंटित करने की कम्प्यूटरीकृत प्रक्रिया सम्पन्न की गई। जनपद आवंटन से अवशेष रह गए 355 ग्राम विकास अधिकारियों को शीघ्रातिशीघ्र जनपद आवंटन हेतु मुख्यमंत्री जी द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए गए। साथ ही, जिन ग्राम विकास अधिकारियों को जनपद आवंटित हो गया है, उनकी नियुक्ति यथाशीघ्र गांवों में करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने भरोसा जताया कि ग्राम्य विकास विभाग में नव नियुक्त ग्राम विकास अधिकारियों से प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में विकास गतिविधियों को और प्रभावी ढ़ंग से संचालित किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रधानमंत्री जी तकनीक के प्रयोग पर बल देते हैं। तकनीक के व्यापक प्रयोग से भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकता है। इसके मद्देनजर वर्तमान राज्य सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया में तकनीक के अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा दिया है। इससे विगत डेढ़ वर्षों में नियुक्तियां स्वच्छता और पारदर्शिता से की गई हैं। इससे प्रदेश के नौजवानों में उत्साह है। ग्राम विकास विभाग द्वारा तकनीक के प्रयोग की सराहना करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के अन्य विभागों द्वारा भी तकनीक का लाभ लेने के लिए इसे अपनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग द्वारा एक वर्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से गरीब परिवारों के लिए 8.85 लाख आवास बनाने का महत्वपूर्ण और सराहनीय कार्य किया गया है। मनरेगा योजना नवाचार का केन्द्र बनी है। इससे लोगों के स्वावलम्बन तथा किसानों की खुशहाली का नया माॅडल तैयार हुआ है। राज्य सरकार के प्रयास से इस वर्ष बुन्देलखण्ड क्षेत्र में पेयजल की कमी नहीं हुई है। यह राज्य सरकार के सतत प्रयास से सम्भव हुआ है। उन्होंने कहा कि टीम वर्क तथा प्रत्येक व्यक्ति द्वारा जिम्मेदारी से अपने दायित्वों को निर्वहन से कठिन से कठिन कार्य भी सम्भव हो जाता है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि स्मार्ट सिटी की भांति स्मार्ट विलेज का निर्माण भी सम्भव है। उन्होंने ग्राम विकास अधिकारियों का आह्वान करते हुए कहा कि ग्रामवासियों के कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को गांवों तक पहुंचाकर तथा गांवों में काॅमन सर्विस सेन्टर को सक्रिय करके स्मार्ट विलेज की ओर आगे बढ़ा जा सकता है। यदि प्रत्येक नवनियुक्त ग्राम विकास अधिकारी एक वर्ष मेें एक गांव को स्मार्ट विलेज बनाए तो एक वर्ष में तीन हजार गांव स्मार्ट विलेज बन सकते हैं।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, ग्रामीण विकास में खराब स्थिति वाले 115 जनपदों को आकांक्षात्मक जनपदों की श्रेणी में रखा है, इनमें से 08 जनपद उत्तर प्रदेश के हैं। इन 08 जनपदों में शतप्रतिशत मानव संसाधन की व्यवस्था करके ह्यूमन इन्डेक्स पर फोकस किया जाना चाहिए। हमारा प्रयास होना चाहिए कि 02 वर्षों में इन जनपदों को सामान्य की श्रेणी में लाएं। इसके लिए इन जिलों के ग्रामीण इलाकों में, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन में काम किए जाने की आवश्यकता है। नवनियुक्त ग्राम विकास अधिकारी इसमें उपयोगी योगदान कर सकते हैं।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए ग्राम विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ0 महेन्द्र सिंह ने कहा कि ग्रामोदय से ही भारत का उदय सम्भव है। इसमें नवनियुक्त ग्राम विकास अधिकारियों की बड़ी भूमिका है। ग्राम्य विकास विभाग ने तकनीक के प्रयोग को अपनाया है। ग्राम विकास अधिकारियों को जनपद आवंटन से पूर्व विभाग, में उच्चाधिकारियों के स्थानान्तरण में भी तकनीक के प्रयोग के माध्यम से स्वच्छ और पारदर्शी ढंग से कार्य किया गया है।
प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास श्री अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग में ग्राम विकास अधिकारियों के लगभग 08 हजार पदों के सापेक्ष लगभग 04 हजार पद रिक्त थे। इनमें से 2942 पदों पर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से नियुक्ति हुई है। शेष रिक्त पदों हेतु भर्ती प्रक्रिया संचालित है। कार्यक्रम के अन्त में ग्राम्य विकास आयुक्त श्री नागेन्द्र प्रसाद सिंह ने अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधिगण, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री  ने विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न सहायता समूहों द्वारा आयोजन प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा ग्रामीण पेयजल मिशन के भी स्टाल लगाए गए थे।

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