मुख्यमंत्री योगी सात मार्च को अधिकारियों से कामकाज का लेखाजोखा लेगें


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लखनऊ। प्रदेश सरकार के सचिवालय में बुधवार को अफसरों की चहलकदमी बढ़ जायेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कामकाज की सीधे जानकारी लेने अफसरों को तलब किया है। असल में सरकार के एक साल पूरे होने वाले मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के अफसरों को बुलाया है। ताकि वह अपने पिछले एक साल के दौरान किये कामों का लेखाजोखा दें और अगले साल की फ्यूचर प्लानिंग बताएं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सात मार्च को सरकार के एक वर्ष के लक्ष्य, प्रगति और उल्लेखनीय कार्यों की समीक्षा करेंगे। इस संबंध में मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से सभी अधिकारियों को ब्यौरा तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं।

इसके अलावा मुख्य सचिव ने भी अफसरों को पूर्व के वर्षों से तुलना कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा है. साथ ही हिदायत दी है कि आंकड़े त्रुटिहीन हों अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव व सचिव अपने विभागों की सूचनाएं खुद फाइनल करें। इन उपलब्धियों पर सरकार एक बुकलेट जारी करने की तैयारी में है। इन उपलब्धियों को सरकार सोशल मीडिया और मीडिया के जरिए पूरे देश में प्रसारित करेगी। हाल ही में हुए इंवेस्टर्स समिट की सफलता से सरकार गदगद है।

राज्य सरकार सभी अधिकारियों को अपने विभाग का फ्यूचर एक्शन प्लान भी तैयार करना होगां मुख्य सचिव राजीव कुमार ने कहना है कि 2018-19 का बजट पेश हो चुका है। ऐसे में अफसर योजनाओं, कार्यक्रमों व परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन को लेकर अपना ‘फ्यूचर एक्शन प्लान’ 10 मार्च तक उपलब्ध कराएं। असल में राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही पार्टी के संकल्प पत्र को लागू करने के लिए सरकार ने अफसरों से कहा था. सरकार ने खास तौर से स्वास्थ्य, खाद्य कृषि, बिजली, सड़क समेत कई विभागों में जनता से जुड़ी योजना को शुरू किया था। इसके साथ ही सभी विभागों से संकल्प पत्र में किये गये वादों के आधार पर योजनाएं बनाने के लिए भी कहा था। हालांकि कुछ विभागों ने नये योजनाएं बनाकर शासन को सौंप दी थी, अब जब राज्य में योगी सरकार को एक साल पूरा होने जा रहा है तो सरकार जानना चाहती है कि उसकी योजनाएं जनता तक कितनी पहुंची। लिहाजा अफसरों का तलब कर रिपोर्ट देने को कहा है. 2019 में देश में लोकसभा चुनाव होने हैं। इसलिए योगी सरकार अभी से जनता को अपने एक साल की उपलब्धियां बताना चाहती है।


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