देहरादून | प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने मुख्यमंत्री हरीश रावत की संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक किया और कहा कि मुख्यमंत्री ने जो यह पहल की है वह सराहनीय है तथा मंत्रियों एवं विधायक सहित अन्य पदाधिकारियों की संपत्ति शीघ्र ही सार्वजनिक की जायेगी। मुख्यमंत्री के पास चल-अचल संपत्ति व बैंक की देनदारी सहित दो करोड़ नवासी लाख तेरप्पन हजार तीन सौ इक्यासी रूपये की है। जबकि उनकी पत्नी के पास चल संपत्ति व बैंक की देनदारी सहित चार करोड़ बावन लाख अड़सठ हजार दो सौ सात रूपये की संपत्ति है।
कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में श्री उपाध्याय ने कहा कि भाजपा के प्रदेश के मुख्यमंत्रियों, नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट सहित उनके सभी विधायकों को भी तत्काल प्रभाव से अपनी संपत्ति को सार्वजनिक करना चाहिए। किशोर उपाध्याय ने सीएम की संपत्ति के ब्योरे को सार्वजनिक करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पास चल-अचल संपत्ति व बैंक की देनदारी सहित दो करोड़ नवासी लाख तेरप्पन हजार तीन सौ इक्यासी रूपये की है। जबकि उनकी पत्नी के पास चल संपत्ति व बैंक की देनदारी सहित चार करोड़ बावन लाख अड़सठ हजार दो सौ सात रूपये की संपत्ति है।
मुख्यमंत्री व उनकी धर्मपत्नी के नाम पर इस धनराशि में से बैंक की देनदारियां भी हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के पास पचास हजार की दो सोने की अंगूठियां व एक चांदी की अंगूठी है। इसके अलावा एसबीआई पार्लियामेंट हाउस के बैंक डिपोजिट्स सेविंग बैंक डिपोजिट, नैनीताल बैंक पिथौरागढ़ में करंट एकाउंट है। तीन एलआईसी पाॅलिसी है। इसके अलावा एसबीआई पार्लियामेंट हाउस से लोन भी लिया है। इसी तरह से अचल संपत्ति में अल्मोड़ा में एक मकान, पुस्तैनी कृषि जमीन, तथा गाजियाबाद में गैर कृषि जमीन शामिल है। कुल मिला कर 75 लाख की अचल संपत्ति मुख्यमंत्री के नाम पर है।
उन्होंने बताया कि इसी तरह से उनकी धर्मपत्नी के नाम पर एक मर्सीडीज व एक टोयटा पफोरच्यूनर गाडि़यां हैं जो लोन पर ली गयी हैं। उनके नाम पर बैंक डिपोजिट, नेशनल सेविंग सर्टीफिकेट, पांच पाॅलिसियां व बैंक की देनदारियां हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की अंतरिम सरकार के समय व बाद में निर्वाचित सरकार ने भी स्थायी राजधानी के लिए किसी भी प्रकार के कोई प्रयास नहीं किये और गैरसैंण सत्र के दौरान राजधानी के लिए प्रस्ताव लाने को कहा गया तो भाजपाइयों ने हो हल्ला कर सदन को चलने नहीं दिया। भाजपा को अब दो तीन दिन में फिर से राजधानी गैरसैंण के लिए प्रस्ताव देना चाहिए और इसके साथ ही केन्द्र से 10 हजार करोड़ रूपये भी राज्य सरकार के खाते में डाले जाये तो राजधानी की घोषणा के लिए सरकार से बात की जायेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपनी संपत्ति सार्वजनिक कर एक अच्छी पहल की है। पत्रकार वार्ता में जोत सिंह बिष्ट व अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
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