सीएम योगी बोले , सूर्य नमस्कार और नमाज एक जैसे


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लखनऊ |   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को राजधानी  में आयोजित योग महोत्सव के दौरान कहा कि योग किसी जाति, धर्म, उम्र और लिंग का मोहताज नहीं है. असल में सूर्य नमस्कार में प्राणायाम की क्रियाएं और नमाज की मुद्राएं एक जैसी हैं.अगर आप सूर्य नमस्कार करते हुए देखेंगे तो आपको यह वैसे ही लगेगा, जैसे मुस्लिम नमाज पढ़ते हैं. सूर्य नमस्कार में जितने आसन आते हैं, उसमें जो प्राणायाम की क्रियाएं हैं, वो मुस्लिम भाई जो नमाज पढ़ते हैं, उससे मिलती-जुलती हैं.

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित उत्तर प्रदेश में योग महोत्सव में बाबा रामदेव के साथ राज्यपाल राम नाईक ने भी शिरकत की. महोत्सव में सीएम योगी ने कहा कि उन्हें योग के कार्यक्रम से खुशी है. उन्होंने कहा कि लोग साधु संतों को भीख नहीं देते हैं. मुझे तो सत्ता सौंप दी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी का धन्यवाद देते हुए सीएम योगी ने कहा कि उन्हीं ने उन्हें सत्ता दी. सरकार के सामने चुनौतियां बहुत हैं, लेकिन जीवन में सकारात्मक सोच उन्होने मोदी जी से सीखा है. उनकी इसी सोच के कारण देश आगे बढ़ रहा है. अराजकता से उबारने का काम 2014 में शुरू हुआ, उसी कारण भारत की अर्थव्यवस्था तेज गति से बढ़ रही है. उन्होंने बताया कि लोकतंत्र में भी नोटबंदी जैसी कार्रवाई हो सकती है.उन्होंने कहा कि सीएम पद लेने से वह नहीं भागे. अगर वह पद नहीं लेते तो लोग कहते कि जिम्मेदारी से भागे. विधायकों ने मुझे अपना नेता चुना है. मैंने यूपी में सड़क से सदन तक की यात्रा की है, यहां की बहुत जानकारी है. मैं पूरा यूपी घूमा हूं,

मुझे यहां की सभी बीमारियों का पता है. वह यूपी के लिए बड़े फैसले लेने में नहीं हिचकेंगे. उन्हें यूपी से नकारात्मकता का खात्मा करना है. उन्होंने कहा कि पहले संकीर्ण सोच के साथ नेता काम करते थे. कुछ लोगों का योग में नहीं भोग में विश्वास है. 2014 से पहले योग की बात सांप्रदायिकता थी. हम योग को जन-जन तक पहुंचाने का काम करेंगे.

उन्होंने कहा कि भारत ने बल के आधार पर किसी को प्रभावित नहीं किया. जननी जन्मभूमि का हमारा संबंध बना रहेगा. यह देश आतंकवाद और नक्सलवाद का शिकार हुआ. तमाम प्रकार की अराजकता इस समय भारत में फैली हुई है. सत्ता के लिए पार्टियों ने यहां राज किया है.उन्होंने बाबा रामदेव के लिए कहा कि उन्होंने योग को घर-घर पहुंचाने का काम किया. वहीं प्रधानमंत्री ने योग को पहचान दिलाने का काम किया.

उन्होंने कहा कि योग आत्म अनुशासन की सबसे बड़ी चीज है. योग करने से मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूती मिलती है. योग करने से व्यक्ति बुढ़ापे तक स्वस्थ रहता है.

सीएम योगी ने कहा कि हम सबको तय करना है कि सांप्रदायिक कौन है. सूर्य नमस्कार में जितने आसन आते हैं, उसमें जो प्राणायाम की क्रियाएं हैं वो मुस्लिम भाई जो नमाज पढ़ते हैं उससे मिलती जुलती हैं. हर जाति, धर्म का व्यक्ति योगिक क्रियाओं को कर सकता है.


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