मुख्यमंत्री योगी ने भ्रष्टाचार के आरोप में पीसीएस अधिकारी हरिश्चंद्र को बर्खास्त किया


सचिव नोएडा विकास प्राधिकरण के पद पर तैनाती के दौरान प्राधिकरण की अर्जित एवं कब्जा प्राप्त भूमि को नियमविरुद्ध तरीके से लीज बैक करने का दोषी पाया गया

लखनऊ | वर्ष  1997 बैच के पीसीएस अफसर हरिश्चंद्र को दायित्व निर्वहन में अनियमितता का दोषी पाए जाने के कारण सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उन्हें सचिव नोएडा विकास प्राधिकरण के पद पर तैनाती के दौरान प्राधिकरण की अर्जित एवं कब्जा प्राप्त भूमि को नियमविरुद्ध तरीके से लीज बैक करने का दोषी पाया गया है। शासन ने यह कार्रवाई नोएडा की सीईओ ऋतु महेश्वरी की रिपोर्ट पर की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रकरण में दोषी पाए जाने के बाद बर्खास्त करने के साथ ही हुई वित्तीय क्षति की वसूली के आदेश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय से इस बात की जानकारी ट्वीट के माध्यम से जारी की गई।

गौरतलब है कि अगस्त 2018 में नोएडा में रिटायर्ड कर्नल और पीसीएस अधिकारी हरिश्चंद्र के बीच एक विवाद के बाद उनको निलंबित कर दिया गया था। तब यूपी पीसीएस एसोसिएशन ने मुख्य सचिव से वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी व मुजफ्फरनगर के निलंबित एडीएम हरिश्चंद्र और रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र सिंह चौहान से जुड़े विवाद की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने की मांग की थी।


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