
lucknow | नोएडा में कोरोना काल उद्योगों पर भारी साबित हो रहा है। इनको फिर से खड़ा करने के लिए इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन (आईआईए) सार्थक प्रयास कर सभी से मिलकर उनकी समस्या जानने और उनके समाधान का प्रयास करने जा रहा है। इसके लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की गई है।दावा है कि कोरोना काल के बाद यहां पर 500 से अधिक इंडस्ट्री बिक्री के लिए प्रॉपर्टी डीलर के पास आ चुकी हैं। अब इन्हें शुरू करने की तैयारी की जा रही है। आईआईए के अध्यक्ष कुलमणि गुप्ता ने बताया कि अनेक इंडस्ट्री बंद हो चुकी हैं और कुछ बंदी के कगार पर पहुंच गई हैं।
इन सभी को चिन्हित करने के लिए आईआईए ने पांच सदस्यों की टीम बनाई है। इस टीम में उमेश बत्रा, आशीष मल्होत्रा, मुकेश कौशिक, अंकुर सिंघल और रोहित सिंह शामिल है। यह टीम ऐसी सभी फैक्ट्री को चिन्हित कर उनकी लिस्ट बनाएगी।
टीम इन इंडस्ट्री के संचालकों से मिलकर उनकी समस्याओं को जानेगी कि उन्हें इंडस्ट्री चलाने में क्या-क्या दिक्कतें आ रही हैं और क्यों उन्होंने अपनी इंडस्ट्री बंद की हैं। इसके बाद उनसे आईआईए का प्रतिनिधिमंडल मिलेगा और प्रयास किया जाएगा कि उनकी समस्या का समाधान कराकर बंद होने वाली इंडस्ट्रियों को फिर से चलवाया जा सके। इसके अलावा उन्होंने प्राधिकरण के ओएसडी से भी मुलाकात कर कहा है कि प्राधिकरण ने इंडस्ट्री लगाने के लिए जिन लोगों को भूखंड आवंटित किए हैं, उनकी लिस्ट उपलब्ध कराए।
इन नए लोगों से आईआईए की टीम संपर्क करेगी और उनके द्वारा लगाए जा रहे उद्योगों में उनकी मदद की जाएगी ताकि शहर का औद्योगिक सही से हो सके और जिस मंशा से नोएडा का गठन किया गया है, वह पूरा हो सके।
संकट : कई उद्यमी यहां से जाने की तैयारी में
एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन नोएडा के अध्यक्ष सुरेंद्र नहाटा ने कहा कि कोरोना ने उद्योगों को तबाह कर दिया है और यहां पर औद्योगिक इकाइयां संकट में हैं। उनका दावा है कि कोरोना के बाद से लेकर अभी तक यहां पर पांच सौ से अधिक इंडस्ट्रियां बिक्री के लिए प्रॉपर्टी डीलरों के पास आ चुकी हैं और वह उनका सौदा कराने में जुटे हैं। इनमें से कुछ इंडस्ट्री चालू हालत में हैं तो कुछ बंद हो चुकी हैं। इंडस्ट्री के संचालक इनको बेचकर कहीं और शिफ्ट होने की तैयारी में हैं या फिर कोई और कारोबार करना चाहते हैं।
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