कोरोना की थर्ड वेव, सेकेण्ड वेव की तरह खतरनाक नहीं — मुख्यमंत्री


मुख्यमंत्री ने इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर, लखनऊ का निरीक्षण किया

लखनऊ |  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां कोरोना प्रबन्धन एवं नियंत्रण के लिए स्थापित इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर (आई0सी0सी0सी0) का आज निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी की थर्ड वेव आ चुकी है, लेकिन कोरोना की थर्ड वेव, सेकेण्ड वेव की तरह खतरनाक नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आज सुबह तक कोरोना के एक्टिव केसों की कुल संख्या 33,900 है, जिसमें 99 प्रतिशत मामले एसिम्टोमैटिक हैं। संक्रमित लोगों का घर पर ही सफलतापूर्वक उपचार हो रहा है। प्रत्येक जनपद में आई0सी0सी0सी0 कार्य कर रहे हैं, जिनके माध्यम से कोविड संक्रमितों से संवाद बनाकर उन्हें मेडिसिन किट सहित शासन की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। कोरोना की सेकेण्ड वेव में मृत्यु दर ज्यादा थी, लेकिन थर्ड वेव में संक्रमित व्यक्ति आराम करने पर 03 से 05 दिन में ठीक हो जा रहे हैं। कोरोना संक्रमितों के हॉस्पिटलाइजेशन की दर बहुत ही कम है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 4702 एक्टिव केस हैं, जिनमें 45 लोग अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इनमें हल्का संक्रमण देखने को मिला है। यह भर्ती हुए लोग पहले से किसी बीमारी से ग्रसित थे। प्रदेश में सभी लक्षणयुक्त/संदिग्धों की कोरोना जांच की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सावधानी और सतर्कता कोरोना से बचने के सबसे बड़े उपाय और उपचार हैं। यद्यपि कोरोना की थर्ड वेव खतरनाक नहीं है फिर भी हम सभी को कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन करना होगा। भीड़भाड़ के इलाकों तथा सार्वजनिक स्थलों में जाने से बचें। सभी लोग मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। बुजुर्गों, कमजोर व्यक्तियों, बीमार व्यक्तियों, बच्चों को संक्रमण से बचाना होगा। शासन-प्रशासन, हेल्थ वर्कर, कोरोना वॉरियर्स सभी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। सभी 75 जनपदों में आई0सी0सी0सी0 सक्रिय हैं। प्रदेश में प्रतिदिन 02 से 2.5 लाख कोविड टेस्ट किए जा रहे हैं। रैपिड रिस्पॉन्स टीम द्वारा टेस्ट कार्य सम्पन्न किया जा रहा है। प्रदेश में 72 हजार निगरानी समितियां सक्रिय रूप से स्क्रीनिंग का कार्य कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान तथा नगरीय क्षेत्रों में पार्षदगण निगरानी समितियों के अध्यक्ष हैं। इनकी अध्यक्षता में आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशावर्कर, ए0एन0एम0 मिलकर कोरोना टीकाकरण के अभियान को सफल बना रही हैं। यह सभी डोर-टू-डोर जाकर कोरोना के संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर रही हैं और कोविड की मेडिसिन किट उपलब्ध करा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी लोग कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज़ अवश्य लें। कोरोना वैक्सीन लोगों को निःशुल्क लगायी जा रही है। पूरे देश में 150 करोड़ से अधिक कोरोना वैक्सीन की डोज लोगों को लगायी जा चुकी हैं। 21 करोड़ 38 लाख से अधिक कोरोना की डोज़ प्रदेशवासियों को लगायी जा चुकी हैं, जिसमें 13 करोड़ 47 लाख 29 हजार 646 कोरोना की प्रथम डोज हैं तथा 07 करोड़ 91 लाख 46 हजार 15 कोरोना की दूसरी डोज हैं। 15 से 17 वर्ष के किशोरों को निःशुल्क कोरोना वैक्सीन बड़े पैमाने पर लगायी जा रही हैं। आगामी 15 जनवरी तक 15 से 17 वर्ष के सभी किशोरों को वैक्सीन से आच्छादित करने का लक्ष्य है। जिन लोगों ने अब तक कोरोना वैक्सीन नहीं ली है, उनकी सूची बनाकर आई0सी0सी0सी0 के माध्यम से उन्हें वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह वैक्सीन, कोरोना से बचाव का सर्वोत्तम उपाय है। जितना अधिक वैक्सीनेशन होगा, कोरोना का प्रभाव उतना ही कम होगा। कोरोना वैक्सीन ले चुके व्यक्ति पर कोरोना का बहुत ही हल्का प्रभाव पड़ता है और यह एक सामान्य वायरल फीवर मात्र रह जाता है। इसलिए कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेना सभी को अनिवार्य है। आज से पूरे प्रदेश में सभी कोरोना वॉरियर्स और बुजुर्गों को एक बूस्टर डोज उपलब्ध करायी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना प्रबन्धन एवं नियंत्रण की कार्यवाही बेहतर ढंग से की जा रही है। प्रदेश के पास कोरोना की फर्स्ट वेव एवं सेकेण्ड वेव के प्रबन्धन एवं नियंत्रण का अच्छा अनुभव है। रात्रि 10 बजे से सुबह 06 बजे तक नाइट कर्फ्यू प्रदेश में प्रभावी है। सभी लोग अपना सहयोग करें, क्योंकि सदी की सबसे बड़ी महामारी का सामना पूरी मानवता कर रही है। मानवता की रक्षा के लिए हम सभी को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए तथा कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज अनिवार्य रूप से लेनी चाहिए, यही कोरोना से बचाव का सर्वोत्तम उपाय है।  


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