
नई दिल्ली : दीवाली के पटाखों का असर दिल्ली एनसीआर की हवाओं पर हुआ है. दिल्ली एनसीआर में जमकर हुई आतिशबाजी ने यहां प्रदूषण को खतरनाक स्तर तक पहुंचा दिया है. जो यहां के लोगों को बीमार कर सकता है.
बच्चों औऱ बुजुर्गों के लिए बाहर निकलना ठीक नही
हालत ये है कि दिल्ली में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है. जिसे देखते हुए केंद्र सरकार की संस्था सफर ने दिशा निर्देश भी जारी किए हैं. इनके मुताबिक हवा में प्रदूषण से हालात बेहद चिंताजनक हैं. इस हवा में सांस से जुड़ी बीमारियां का खतरा है. लोग जरूरत ना हो तो बाहर ना निकलें. दिल और फेफड़े की बीमारी वाले लोग खास सावधानी बरतें. बुजुर्ग और बच्चों को घर में रहने की सख्त हिदायत.
दिल्ली के अलग अलग इलाकों का हाल
दिल्ली में तो प्रदूषण का स्तर खतरनाक को भी पार कर गया है और ये सेहत हो बेहद नुकसान पहुंचा सकता है. ऐसे में आज घर से निकलें तो सावधानी जरूर बरतें. दिल्ली- एनसीआर में प्रदूषण के कारण आज सुबह धुंध की चादर दिख रही थी.
एबीपी न्यूज रिपोर्टर श्रेया बहुगुणा दीवाली के जश्न के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के इलाके में पहुंचीं. उन्हें यहां पटाखों की धुंध में लिपटी दिल्ली दिखी, लेकिन धुंध से ज्यादा यहां की हवा खतरनाक है.
केंद्र सरकार की संस्था System of Air Quality and Weather Forecasting And Research यानी SAFAR के मुताबिक दीवाली पर आतिशबाजी के बाद खतरनाक पर्टिकुलेट मैटर यानी पीएम 2.5 का स्तर 507 तक पहुंच गया, जबकि पीएम 10 का स्तर 511 तक था.
दिल्ली यूनिवर्सिटी इलाके की तरह ही हालात पूसा रोड के भी थे यहां. पीएम 2.5 का स्तर 417 था, जबकि पीएम 10 का स्तर 397 था. वहीं लोधी रोड पर पीएम 2.5 का स्तर 388 निकला जबकि पीएम 10 का स्तर 386 था.
अगर पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर 400 से ज्यादा होता है तो प्रदूषण का स्तर बेहद ही खतरनाक हो जाता है.
नोएडा का हाल
दिल्ली से सटे नोएडा भी प्रदूषण से बेहाल है. सुबह यहां भी धुंध का आलम ये था कि थोड़ी दूरी पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा था. ये धुंध भी पटाखों के बाद हुए प्रदूषण की वजह से है. सफर के मुताबिक नोएडा में पीएम 2.5 का स्तर 450 था, जबकि पीएम 10 का स्तर 493 था.
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