कृषि विभाग के अधिकारी फील्ड में जाकर आयोजित किसान गोष्ठियों में भाग लेना सुनिश्चित करें: आलोक रंजन


mail.google.comलखनऊ:  उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा घोषित किसान वर्ष में किसानों को प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं को अनुमन्य कराने में लापरवाही किसी भी स्तर पर क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारियों को प्रत्येक दशा में सुनिश्चित कराना होगा कि किसानों को खाद, बीज व अन्य अवयव आवश्यकतानुसार उन्हें समय से उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि किसान काॅल सेण्टरों को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कराकर किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से सुनिश्चित कराया जाये। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी फील्ड में जाकर आयोजित किसान गोष्ठियों में भाग लेना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसानों को फसलों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने हेतु आयोजित किसान गोष्ठियों में वैज्ञानिकों को भी भेजे जाने की व्यवस्था की जाये, जिसके लिये वैज्ञानिकों को नियमानुसार यात्रा भत्ता भुगतान कराने की व्यवस्था सुनिश्चित हो।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में कृषि, कृषि शिक्षा एवं उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब के अतिरिक्त किसानों को उनकी उपज का प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य दिलाने हेतु निर्माणाधीन नवीन मण्डी स्थल मिहीपुरवा (बहराइच), उप मण्डी स्थल कोतवाली बिजनौर तथा फल सब्जी मण्डी बस्ती का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने के फलस्वरूप उप मण्डी स्थल वृंदावन मथुरा एवं नवाबगंज, बरेली का निर्माण कार्य आगामी 30 जून तक प्रत्येक दशा में पूर्ण कराया जाये। उन्होंने कहा कि किसान बाजार झांसी का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने के फलस्वरूप किसान बाजार लखनऊ का निर्माण कार्य आगामी 30 जून, 2016 तथा किसान बाजार कासगंज का निर्माण कार्य 25 अगस्त, 2016 तक एवं किसान बाजार सैफई का निर्माण कार्य यथाशीघ्र निर्धारित मानक एवं गुणवत्ता के साथ प्रत्येक दशा में पूर्ण करा लिया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि किसान बाजार कन्नौज की परियोजना स्वीकृत हो जाने के फलस्वरूप निविदा आमंत्रित करने की कार्यवाही सुनिश्चित कराते हुये निर्माण कार्य निर्धारित माइल स्टोन पर पूर्ण कराने की कार्यवाही करायी जाये।
श्री रंजन ने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की समीक्षा करते हुये कहा कि राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण मिशन योजना भारत सरकार द्वारा डी-लिंक्ड कर दिये जाने के फलस्वरूप योजना की महत्ता एवं प्रदेश में आवश्यकता/उपयोगिता को दृष्टिगत रखते हुये प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण मिशन योजना के रूप में लागू करने हेतु आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित करायी जाये, ताकि प्रदेश के किसानों को लाभान्वित कराया जा सके। उन्होंने कहा कि पान प्रयोग एवं प्रशिक्षण केन्द्र महोबा को विकसित करने हेतु निर्गत धनराशि का पारदर्शिता के साथ उपयोग सुनिश्चित कराते हुये किसानों को आवश्यकतानुसार ठहरने के लिये हाॅस्टल का निर्माण कराया जाये। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने हेतु उद्योग नीति का क्रियान्वयन प्राथमिकता से सुनिश्चित कराकर पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित कराने हेतु अभियान चलाया जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि आयुष मिशन के अन्तर्गत औषधीय पौध की योजना की कार्य योजना में निजी क्षेत्र में फलदार पौधे उपलब्ध कराने की कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाये, ताकि पात्र लाभार्थियों द्वारा अपने घरों में या आसपास फलदार पौधे लगाने हेतु प्रेरित हो सके।
बैठक में प्रमुख सचिव कृषि श्री अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन डाॅ0 रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण श्री दीपक त्रिवेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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