नोएडा में विकास प्राधिकरणों ने किया प्रभारी मंत्री की बैठक का बायकाॅट, खफा मंत्री सीएम को बताएंगे


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GREATER NOIDA: उत्तर प्रदेश में भले की सरकार किसी की हो, गौतमबुद्ध नगर के विकास प्राधिकरणों में तैनात अफसरों का तुर्रा कम नहीं होता।  गौतमबुद्ध नगर के प्रभारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने जिला मुख्यालय पर विकास कार्यों की समीक्षा और जनता की समस्याओं के लिए बैठक की। तीनों प्राधिकरणों के सीईओ और चेयरमैन को बुलाया गया था। बैठक में प्राधिकरणों की ओर से प्रबंधक स्तर के अफसरों को भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि प्राधिकरण के शीर्ष अफसरों ने ऐसा जानबूझकर किया है। वहीं, मंत्री को अफसरों की यह हरकत नागवार गुजरी है।

 

बैठक शुरु होते ही प्रदेश के आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने पूछा सबसे पहले तीनों प्राधिकरणों से आए अधिकारी अपना परिचय दें। प्राधिकरणों से कौन अधिकारी आए हैं। बैठक में पहुंचे ओएसडी महराम सिंह खड़े हो गए और बताया कि वह यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण से हैं। मंत्री ने पूछा कि सीईओ क्यों नहीं आए। जवाब मिला कि उनकी पत्नी का हाल ही में देहांत हो गया है। इस पर मंत्री ने एसीईओ और डीसीईओ के नहीं आने का कारण पूछा। ठीक ऐसा ही हाल नोएडा और फिर ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण का रहा। किसी ने बताया कि सीईओ चार्ज लेंगे और किसी ने बताया कि साहब छुट्टी पर हैं।

तीनों विकास प्राधिकरणों से अधिकतम वरिष्ठ प्रबंधक स्तर के अधिकारियों को मंत्री की बैठक में भेजा गया था। मंत्री को यह बात नागवार गुजरी है। उन्होंने आदेश दिया कि यह सब नोट किया जाए। एक रिपोर्ट बनाकर मुख्यमंत्री को भेजी जाए। उन्होंने कहा, मैं अब तीनों प्राधिकरणों के अधिकारियों के साथ अलग से बैठक करूंगा। इस जिले में सबसे ज्यादा समस्याएं विकास प्राधिकरणों से जुड़ी हैं। इसके बावजूद तीनों सीईओ या कोई एसीईओ नहीं भेजा गया है।

दरअसल, यह कोई पहली बार नहीं हो रहा है। जिले के तीनों विकास प्राधिकरणों में तैनात अधिकारी मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के हैं। प्रभारी मंत्री जिलाधिकारी कार्यालय में बैठक लेते हैं। ऐसे में यह अधिकारी कलेक्ट्रेट जाने में अपनी तौहीन महसूस करते हैं। प्राधिकरणों में हावी काॅरपोरेट कल्चर मंत्री और सरकार के प्रोटोकाॅल को भी तवज्जो नहीं दे रही है। पहली बार किसी प्रभारी मंत्री ने इस पर गंभीरता दिखाई है। अब देखना होगा कि मंत्री जय प्रताप सिंह अधिकारियों को जन सेवा के रास्ते पर ला पाते हैं या नहीं। बैठक में जेवर विधायक ठाकुर धीरेन्दर सिंह, दादरी विधायक तेजपाल नागर, नोएडा विधायक पंकज सिंह और जिलाधिकारी बी. एन. सिंह भी मौजूद थे।


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