मुख्य सचिव द्वारा गोमती रिवर फ्रन्ट के कार्यों की समीक्षा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आलोक रंजन ने निर्देश दिए हैं कि गोमती नदी में निर्माणाधीन डायाफ्राम वाल तथा अन्य तट विकास कार्यों में गति लाई जाये। उन्होंने कहा कि इन्टरसेप्टिंग डेªेन के कार्यों को आगामी दिसम्बर, 2016 तक अवश्य पूर्ण करा लिया जाये। उन्होंने 26 किमी0 लम्बाई मे बनने वाले डायाफ्राम वाल निर्माण में अब तक 1.2 किमी0 कार्य पूर्ण होने पर सन्तोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पक्का पुल के इल्यूमिनिनेशन कार्य के प्रस्तावों पर सिंचाई विभाग द्वारा सक्षम स्तर से अनुमोदन यथाशीघ्र प्राप्त किया जाये, जिससे की समयानुसार इल्युमिनेशन के कार्य को भी पूर्ण कराया जा सके।
मुख्य सचिव आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में गोमती रिवर फ्रन्ट के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गोमती नदी केे दोनों किनारों पर सड़क निर्माण के प्रस्तावित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाये ताकि नवनिर्मित सड़क से पुराने लखनऊ को गोमती नदी के दोनों किनारों पर फोर-लेन से जोड़ा जाना सम्भव हो सके। उन्होंने कहा कि गांधी सेतु पर एक विशेष प्रकार के फुव्वारे तथा नदी में कुछ फ्लोटिंग फाउण्टेन लगाने के कार्य को भी प्रस्तावों में अवश्य रखा जाये, जिससे कि तट और अधिक सुन्दर दिखाई दंे।
श्री रंजन ने कहा कि गोमती नदी के किनारों को हरा-भरा रखने हेतु उपयुक्त पेड़-पौधों का भी रोपड़ आवश्यकता एवं समयानुसार कराया जाये ताकि किनारों की खूबसूरती बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने शारदा नदी तथा शारदा सहायक फीडर चैनल के माध्यम से गोमती नदी में जल की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु अतिरिक्त जल स्रोतों से भी जल उपलब्ध कराने के प्रस्ताव का परीक्षण किए जाने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई श्री दीपक सिंघल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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