उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के माध्यम से जनपदों को अपने उत्पादों की ब्राण्डिंग करने का अवसर प्राप्त होता है—- राज्यपाल


 

राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री ने ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ समारोह का शुभारम्भ किया

 

लखनऊ | उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल  तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने आज ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ समारोह का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। ज्ञातव्य है कि यह उत्तर प्रदेश का तीसरा स्थापना दिवस समारोह है। मुख्यमंत्री  के नेतृत्व में वर्तमान राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2017 में कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात वर्ष 2018 में पहली बार उत्तर प्रदेश दिवस का आयोजन किया गया। तत्पश्चात वर्ष 2019 में द्वितीय उत्तर प्रदेश दिवस समारोह का आयोजन सम्पन्न हुआ।इस अवसर पर राज्यपाल  एवं मुख्यमंत्री  ने 18 अटल आवासीय विद्यालयों का शिलान्यास किया।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल  ने कहा कि किसी भी प्रदेश के स्थापना दिवस का आयोजन इसलिए महत्वपूर्ण होता है कि इससे प्रदेशवासियों को अपने राज्य के इतिहास का बोध होता है। स्वाधीनता और राष्ट्र निर्माण में जितनी भूमिका इस प्रदेश की रही है। उतनी ही देश के सामाजिक, सांस्कृतिक व साहित्यिक विकास में रही है।
राज्यपाल  ने कहा कि उत्तर प्रदेश भगवान राम और भगवान कृष्ण की जन्मस्थली होने के साथ ही भगवान गौतम बुद्ध और भगवान महावीर की स्थली भी है। यहां चंद्रशेखर आजाद, अशफाक उल्ला खां और रामप्रसाद बिस्मिल जैसे क्रांतिकारी भी पैदा हुए हैं, जिन्होंने अपने साहस, वीरता और बलिदान से देश को आजादी दिलाने में अपनी भूमिका निभाई। वहीं इस धरती पर पंडित मदन मोहन मालवीय, डाॅ0 राममनोहर लोहिया, आचार्य नरेंद्र देव, लाल बहादुर शास्त्री और दीनदयाल उपाध्याय जैसे जननायकों ने अपने रचनात्मक नेतृत्व से देश व प्रदेश को गौरवान्वित किया। वहीं कबीर, तुलसीदास, जायसी, जयशंकर प्रसाद, चकबस्त तथा महादेवी वर्मा जैसे साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से विश्व साहित्य को समृद्ध किया है। नृत्य, कला, संगीत में भी उत्तर प्रदेश की समृद्ध परम्परा रही है। उत्तर प्रदेश की धरती ने देश को सर्वाधिक प्रधानमंत्री भी दिये हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने प्रदेशवासियों को ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ की बधाई देते हुए कहा कि राज्य का गौरवशाली इतिहास और परम्परा रही है। हमें अपनी विरासत पर गर्व की अनुभूति करनी चाहिए। उत्तर प्रदेश की धरती अत्यन्त पावन है। यहां पर गंगा जी का सर्वाधिक प्रवाहक्षेत्र है। गंगा जी व यमुना जी का संगम इसी धरती पर है। विश्व की प्राचीनतम नगरी काशी यहां स्थित है। भगवान श्रीराम ने यहां जन्म लेकर राजव्यवस्था के आदर्श स्थापित किये तथा भगवान श्रीकृष्ण ने इसी धरती पर जन्म लेकर ‘न दैन्यं न पलायनम्’ की सीख दी। भगवान बुद्ध और जैन तीर्थंकरों की शिक्षाएं इस धरती की देन हैं। स्वाधीनता आन्दोलन में उत्तर प्रदेश की अग्रणी भूमिका रही। आजादी के बाद इस प्रदेश ने देश को सर्वाधिक प्रधानमंत्री दिये हैं।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि उत्तर प्रदेश का वर्तमान नाम 24 जनवरी, 1950 को अस्तित्व में आया। इस प्रकार प्रदेश की स्थापना के 70 वर्ष पूर्ण हो गये हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस मनाने की प्रेरणा पूर्व राज्यपाल श्री राम नाईक जी ने दी थी। आज सभी जनपदों में प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। प्रदेश का स्थापना दिवस राज्य को अपनी प्रगति के सम्बन्ध में आकलन का अवसर देता है। वर्तमान राज्य सरकार के कार्याें से राज्य की नयी पहचान बन रही है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रयागराज कुम्भ-2019 का आयोजन किया गया। इस आयोजन में 24 करोड़ 56 लाख श्रद्धालु सम्मिलित हुए। आज मौनी अमावस्या का पर्व है। इस पर्व पर प्रयागराज संगम में ढाई करोड़ श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ का समारोह तीन दिनों तक चलेगा। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। आज उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों और उद्यमियों को सम्मानित किया गया है। इन विभूतियों के कार्याें से प्रदेश के पर्सेप्शन में सुधार होता है। इसलिए इन्हें सम्मानित करना राज्य का दायित्व है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रतिवर्ष पुरुष खिलाड़ियों को लक्ष्मण पुरस्कार और महिला खिलाड़ियों को लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। इसके अलावा, ओलम्पिक, एशियाई एवं राष्ट्रमण्डल खेल आदि अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग एवं पदक जीतने पर खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाता है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को प्रधानमंत्री किसान निधि, युवाओं को स्टार्टअप, स्टैण्डअप, एक जनपद एक उत्पाद योजना आदि के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती है। इसके अलावा भी इन्हें प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस‘ समारोह के दौरान 25 जनवरी को ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना तथा खादी एवं ग्रामोद्योग से सम्बन्धित कार्यक्रम होंगे। इस कार्यक्रम में इन योजनाओं से जुड़े निवेशकों और उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर प्रधानमंत्री जी के फ्लैगशिप कार्यक्रमों में अग्रणी स्थान दिलाने वाले अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। इसी दिन कलाकारों को भी सम्मानित किया जाएगा।

इस अवसर पर पर्यटन विभाग की फिल्म ‘यू0पी0 नहीं देखा तो इण्डिया नहीं देखा’ का विमोचन राज्यपाल  एवं मुख्यमंत्री  ने किया। संस्कृति विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘उत्तर प्रदेश की संचरना अभिलेखों के सन्दर्भ में’ का विमोचन किया गया। राज्यपाल जी एवं मुख्यमंत्री  ने उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त करने वाली 05 महिला और 09 पुरुष खिलाड़ियों को सम्मानित किया। महिला खिलाड़ियों को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार तथा पुरुष खिलाड़ियों को लक्ष्मण पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। सभी खिलाड़ियों को पुरस्कार स्वरूप 03 लाख 11 हजार रुपये प्रदान किये गये। राज्यपाल जी एवं मुख्यमंत्री जी ने 07 उद्यमियों को सम्मानित किया। उन्होंने 18 अटल आवासीय विद्यालयों का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में आने से पूर्व, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ पर आयोजित सूचना, पर्यटन सहित अन्य विभागों की प्रदर्शनियों का उद्घाटन एवं अवलोकन किया।

कार्यक्रम अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, डाॅ0 नीलकंठ तिवारी, श्री उपेन्द्र तिवारी, मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना श्री अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति श्री जितेन्द्र कुमार, सूचना निदेशक श्री शिशिर सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

ज्ञातव्य है कि लक्ष्मण पुरस्कार प्राप्त करने वालांे मंे श्री अभिषेक यादव, श्री श्रेयांश कुमार, श्री दिवाकर राम, श्री सौरभ चैधरी, श्री चमन सिंह, श्री राहुल दुबे, श्री शिवपाल सिंह, श्री राजीव तोमर तथा श्री सतेन्द्र कुमार शामिल थे। वहीं रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार प्राप्त करने वाली महिलाओं में सुश्री अमृता पाण्डेय, सुश्री मरियम खान, सुश्री शिवा सिंह, सुश्री पारूल चैधरी तथा श्रीमती रजनी जोशी दीक्षित शामिल थीं। इसी प्रकार उद्योग जगत में पुरस्कार प्राप्त करने वालों में श्री अमर तुलसियान, श्री सचिन अग्रवाल, श्री तरुण साहनी, श्री सोम प्रकाश गोयनका, श्री माधो गोपाल अग्रवाल, श्री चन्द्र प्रकाश अग्रवाल तथा डाॅ0 महेश कुमार गुप्ता शामिल थे। श्री सोम प्रकाश गोयनका कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके, उनका पुरस्कार उनकी कम्पनी के निदेशक ने ग्रहण किया।
———


Scroll To Top
Translate »