जिला पंचायतों के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्रों से एकत्र करों के समुचित उपयोग के लिए मण्डल स्तरीय समितियों का होगा गठन


  • जिला पंचायतों की सीमा के भीतर आने वाले औद्योगिक क्षेत्रों से वसूले गए करों की 60 प्रतिशत् राशि का उपयोग ऐसे औद्योगिक क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं के रखरखाव और विकास में किया जाएगा
  • ऐसे औद्योगिक क्षेत्रों से प्राप्त कर/यूजे़ज़ चार्जेस को एक अलग खाते में जमा किया जाएगा

 

लखनऊ | जिला पंचायतों की सीमाओं के भीतर आने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में दोहरे कराधान की समस्या और इस प्रकार के कर के उपयोग के मुद्दे को हल करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने समस्त मण्डलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस प्रकार एकत्र कर (टैक्स) या यूज़ेज़ चार्जेस की 60 प्रतिशत् राशि का उपयोग जिला पंचायतों की सीमाओं के भीतर आने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं के रखरखाव और विकास में सुनिश्चित किया जाए। शेष 40 प्रतिशत् राशि का उपयोग औद्योगिक क्षेत्र के बाहर जिला पंचायत क्षेत्र के विकास में किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री, श्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में औद्योगिक क्षेत्रों में सुविधाओं के रखरखाव के लिए करों के उचित और पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित करके जल्द ही इस मुद्दे को हल करने का निर्देश दिया था।

उक्त बिन्दु 21 सितम्बर, 2020 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सम्पन्न ‘इन्वेस्ट यूपी’ की उच्च-स्तरीय प्राधिकृत समिति की बैठक में औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा उठाया गया था। उपर्युक्त निर्देश अपर मुख्य सचिव-पंचायती राज विभाग द्वारा एक शासनादेश के माध्यम से जारी किए गए हैं। इसके अन्तर्गत जिला पंचायतों के अंदर स्थित औद्योगिक क्षेत्रों के आंतरिक विकास और रखरखाव के लिए वसूले गए कर के 60 प्रतिशत् के उपयोग के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सम्बंधित मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाएगा। सम्बंधित जिलाधिकारी एवं उ.प्र. राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के क्षेत्रीय प्रबंधक इस समिति के सदस्य होंगे, जबकि संबंधित जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सदस्य-सचिव होंगे। शासनादेश के अन्तर्गत जिला पंचायतों की सीमा के भीतर स्थित औद्योगिक क्षेत्रों से वसूले जाने वाले कर को जमा करने हेतु एक अलग खाते का प्राविधान किया गया है।

अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, श्री आलोक कुमार ने कहा किऔद्योगिक सगठनों की यह मांग लम्बे समय से लंबित थी, जिसका समाधान माननीय मुख्यमंत्री जी के हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप हुआ है।श्री आलोक कुमार ने कहा– ”जिस औद्योगिक क्षेत्र से कर एकत्रित होगा उसी औद्योगिक क्षेत्र के विकास व रखरखाव में कर की धनराशि के उपयोग से कर अनुपालन में वृद्धि होगी, जिसके फलस्वरूप औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और रखरखाव के लिए अधिक धनराशि उपलब्ध होगी, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति और बेहतर हो सकेगी।” उन्होंने कहा कि कर एवं रखरखाव शुल्क एक अलग खाते में जमा करने के प्राविधान से जिला पंचायत क्षेत्र के अंदर औद्योगिक क्षेत्रों, विशेष रूप से यूपीसीडा के औद्योगिक क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं को प्रदान करने हेतु धनराशि का ससमय व पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। 


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