
इससे पहले भीड़ के कारण रविवार रात से ही लखनऊ और कानपुर रोड पर जाम की स्थिति बनी रही। कुम्भ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि आठ किमी के क्षेत्र में 40 घाट स्नान के लिए बनाए गए हैं। सोमवार और मंगलवार को अक्षयवट व सरस्वती कूप का दर्शन सुलभ नहीं हो सकेगा। डीआईजी कुम्भ केपी सिंह ने बताया कि मौनी अमावस्या के लिए पुलिस बल की संख्या बढ़ाई गई है।
बाहर से आ रहे लोगों से अपील की कि गाड़ियां सड़क किनारे या इधर-उधर खड़ी करने की बजाय तय पार्किंग स्थलों पर ही लगाएं। कमिश्नर डॉ. आशीष गोयल ने कहा कि दिव्य और भव्य कुम्भ का सकारात्मक संदेश पूरी दुनिया में गया है। इससे आने वाले समय में प्रयागराज के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। एडीजी एसएन साबत ने कहा कि सभी विभागों के अफसरों के साथ बैठक कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है।मौनी अमावस्या से एक दिन पहले रविवार शाम पांच बजे तक 91 लाख लोगों ने संगम में स्नान कर लिया था। भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि रविवार सुबह 11 बजे तक 60 लाख लोग संगम में डुबकी लगा चुके थे। देररात तक स्नान का सिलसिला जारी रहा। कमिश्नर ने दावा किया कि शनिवार रात 12 बजे से रविवार सुबह 11 बजे तक शहरी सीमा के बाहर बनी पार्किंग से संगम के पास तक 2.5 लाख श्रद्धालुओं को शटल बसों से पहुंचाया गया।
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