पुरानी पेंशन बहाली मंच के आह्वान पर प्रदेश व्यापी महा-हड़ताल का व्यापक असर , सरकार से वार्ता विफल, महाहड़ताल जारी रखने का निर्णय



पुरानी पेंशन मंच की हड़ताल से सरकार हिली,
 7500 शासकीय कार्यालय बंद रहे, पहले दिन ही 150 करोड़ राजस्व का नुकसान

लखनऊ | कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच के आह्वान पर आज से जारी प्रदेश व्यापी महा-हड़ताल का प्रदेश के समस्त जनपदों में व्यापक असर दिखा। पहले ही दिन हड़ताल से घबराई राज्य सरकार ने तत्काल मंच के नेताओं को वार्ता के लिए आमंत्रित किया। लगभग एक घन्टे की वार्ता के कोई निष्कर्ष न निकलने पर मंच के नेताओं ने दो टूक शब्दों में अपनी महाहड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया। महाहड़ताल के पहले दिन प्रदेश के लगभग 7500 सरकारी कार्यालय मे महाहड़ताल से प्रभावित रहे। पहले ही दिन ही लगभग 150 करोड़ राजस्व का नुकसान सरकार को हुआ।

वार्ता में मुख्य सचिव ने बताया कि नई पेंशन में सरकार का अंश 10 से बढ़ाकर 14 फीसदी करने को सरकार तुरन्त तैयार है। पेंशन मद का बकाया 10500 करोड़ रूपये तत्काल जमा कराये जाएगें भले ही कर्मचारियों का अंश काटा गया हो न काटा गया हो। इस पेंशन को आयकर से भी मुक्त रखा जाएगा। लेकिन वार्ता में गए मंच के नेता इससे सहमत नही हुए। उन्होंने मुख्य सचिव के समक्ष गारन्टेड पेंशन की मांग रखी।

लम्बे अरसे से सरकार की अनदेखी से नाराज प्रदेश के कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी सरकार की चेतावनी और एस्मा की धमकी को दरकिनार कर पुरानी पेंशन के लिए एकजुट नजर आए।
महाहड़ताल का असर राजधानी के मुख्य विभागों जैसे वाणिज्यकर, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई,आरटीओ, रजिस्ट्री, समाज कल्याण, उघान विभाग,अर्थ एवं संख्या,नियोजन,कृषि विपणन एवं विदेश, निबंधन, कोषागार, सिंचाई, आबकारी, श्रम, बाॅट मापतोल, मातृ शिशु कल्याण, शिक्षा विभाग, सूचना विभाग, डायट, कृषि, वित्तीय प्रबन्ध एवं प्रशिक्षण, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, राजस्व विभाग सहित अधिकाधिक विभागों मे आज पूर्णतः हड़ताल का असर दिखा।
महाहड़ताल की मानीटरिंग करने निकली टीम में प्रान्तीय नेतृत्व की तरफ से डा. दिनेश चन्द षर्मा, षिवबरन सिंह यादव, संजय सिंह, षिवषंकर पाण्डेय, निखिल षुक्ला, संतोष तिवारी, जी.एन. सिंह, दिवाकर राय, अमिता त्रिपाठी, इन्द्रासन ंिसंह संजीव गुप्ता, इं. जी.बी. पटेल, अविनाश चन्द्र श्रीवास्तव, सुभाष चन्द्र तिवारी, रामफेर पाण्डेय, त्रिलोक सिंह,अनुज कुमार शुक्ला, भारत यादव, विरेन्द्र यादव, राम सुरेश सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, राजेश सिंह, सुनील यादव, जेपी तिवारी, दुधनाथ, सुरेश यादव, वन्दना सक्सेना, नीलम श्रीवास्तव आदि ने हड़ताल का जायजा लिया। मंच की तरफ से जानकारी देते हुए परिषद के संगठन मंत्री संजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रदेष के झाॅसी, बनारस, इलाहाबाद, गोरखपुर, बलिया, कानपुर, इटावा, एटा, कन्नौज, आगरा, मथुरा, पीलीभीत, हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, गाजीपुर, कुषीनगर, मेरठ, प्रतापगढ़, मुज्जफरनगर, अमेठी, अमरोहा, अलीगढ़, चन्दौली, सम्भल, गौतमबुद्धनगर,बरेली, बागपत, बुलंदषहर, हापुड़,गोण्डा, बलरामपुर, सोनभद्र आदि समस्त जनपदों में हड़ताल में षामिल कर्मचारी, षिक्षक और अधिकारियों ने आमसभा कर सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अब वार्ता नही समाधान चाहिए।

हड़ताली कर्मचारियों ने लोनिवि मुख्यालय पर की आमसभा
पुरानी पेंषन बहाली के लिए हड़ताल में षामिल विभिन्न घटक संघों के सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने लोक निर्माण विभाग मुख्यालय पर आमसभा कर सरकार को इस महाहड़ताल के लिए जिम्मेदार बताया। सुधांषु मोहन की अध्यक्षता में हुई आम सभा में वक्ताओं ने कहा कि पुरानी पेंषन बहाली के लिए सरकार ने पूर्व घोषित महाहड़ताल के मद्देनजर पुरानी पेंषन बहाली के लिए समिति का गठन किया था। इस समिति को दो माह में अपनी रिपोर्ट देनी थी । इस बाॅत की जानकारी न्यायालय तक को दी जा चुकी थी। इसके बावजूद यह समिति दो माह में कोई निर्णय नही लिया और प्रदेष के लाखों लाख कर्मचारी, षिक्षक और अधिकारियों के साथ धोखा किया। इसी का परिणाम है कि आज लाखों लाख कर्मचारी, षिक्षक और अधिकारी इस महाहड़ताल में बेझिझक अपनी आहूति दे रहा है। आमसभा का संचालन करते हुए मंच की नेता अमिता त्रिपाठी ने कहा कि यह काॅरवा अब चल पड़ा है यह अब अपने गन्तव्य पर ही रूकेगा।

7 फरवरी को बीएसए कार्यालय पर एकत्र होगें हड़ताली
पुरानी पेंषन बहाली के लिए महाहड़ताल पर उतरे कर्मचारी, षिक्षक और अधिकारियों का हड़ताल के दूसरे दिन 7 फरवरी को बेसिक षिक्षा अधिकारी कार्यालय सिटी स्टेषन पर एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करेगें। मंच के मीडिया प्रभारी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि पुरानी पेंषन के लिए एकजुट हुआ यह सैलाब अब पीछे मुडकर देखने वाला नही। सरकार की वादा खिलाफी से कर्मचारी, षिक्षक और अधिकारियों में व्यापक आक्रोष और असंतोष है।

 

मंच के मीडिया प्रभारी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि इस बैठक के बाद मंच के नेताओं ने महाहड़ताल जारी रखने का निर्णय करते हुए प्रदेश के समस्त जनपदों के पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि महाहड़ताल जारी रहेगी और उत्पीड़न हुआ तो जेल भरों आन्दोलन शुरू कर दिया जाएगा। मुख्य सचिव डा. अनूप चन्द पाण्डेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में अपर मुख्य सचिव कार्मिक, अपर मुख्य सचिव वित्त, अपर मुख्य सचिव सूचना, प्रमुख सचिव गृह और कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच की तरफ से डा. दिनेश चन्द शर्मा, बाबा हरदेव सिंह, चेत नारायण सिंह, डा. एस.के. सिंह, जी.एन.सिंह, निखिल शुक्ला, भारत सिंह, भूपेन्द्र सिंह, रामफेर पाण्डेय, राजवर्धन सिंह, यादवेन्द्र मिश्र, प्रदीप कुमार सिंह, जी.बी. पटेल, शिवबरन सिंह यादव, शिवशंकर पाण्डेय, शैलेन्द्र प्रता सिंह, संजीव गुप्ता, रामनगीना सिंह, नरेन्द्र सिंह नेगी और हरिकिशोर तिवारी शामिल थे।

 


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