
नई दिल्ली, । भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में चुटकी लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरा मन आज ज्यादा बोलने का है। उन्होंने कहा कि कभी दो कमरों से चलने वाली पार्टी, दो सांसदों वाली पार्टी आज इस विशाल स्वरूप में अपना राष्ट्रीय अधिवेश कर रही है जो अपने आप में अद्भुत और अविस्मरणीय है। यह राष्ट्रीय परिषद की पहली बैठक है जो अटलजी के बिना हो रही है। वो आज जहां से भी हमें देख रहे होंगे, उन्हें अपने बच्चों की इस ऊर्जा औ राष्ट्र के प्रति समर्पण को देखकर संतोष हो रहा होगा।अयोध्या विवाद पर पीएम मोदी बोले कि अयोध्या विषय में कांग्रेस अपने वकीलों के माध्यम से न्याय प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस नहीं चाहती की अयोध्या विषय का हल आए। कांग्रेस का ये रवैया किसी को भूलना नहीं चाहिए।
भाजपा सरकार के कार्यकाल ने ये साबित किया है कि देश बदल सकता है और सामान्य नागरिक के हित में बदल सकता है। सरकार बगैर भ्रष्टाचार के भी चलाई जा सकती है। सत्ता के गलियारों में टलहने वाले दलालों को भी बाहर किया जा सकता है। क्या आप ऐसे सेवक को पसंद करेंगे जो आपके घर का पैसा चोरी करके अपने परिवार में बांटे? क्या आप चाहते हैं कि वो पड़ोसियों को आपके घर के अंदर की बात बताए? जैसे आप अपने घर का सेवक तय करते हैं वैसे ही तय कीजिए की देश को कैसा प्रधानसेवक चाहिए। संगठन के संस्कार से अगर हम तपे नहीं होते तो दूसरों की मीठी मीठी बातों से हम फिसल चुके होते। पार्टी परंपराओं को अपने जीवन में ढालकर, अनुशासन और लाखों कार्यकर्ताओं के तप व त्याग से आज हम यहां पहुंचे हैं। हमारे लिए जन सेवा ही प्रभु सेवा है। नर सेवा ही नारायण सेवा है। समता, ममता, समरसता, हमारे लिए सामाजिक न्याय की सीढ़ियां हैं। विकास, चौतरफा विकास, सबका साथ-सबका विकास ही हमारा लक्ष्य है।
गठबंधन की राजनीति पर कटाक्ष करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जो राजनीतिक दल एक जमाने में कांग्रेस के तौर तरीकों को सही नहीं मानते थे वो आज एकजुट हो रहे हैं। जब कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता जमानत पर हैं, तब ये दल कांग्रेस के सामने सरेंडर कर रहे हैं। ये देश के मतदाताओं को धोखा देने का प्रयास है। पीएम मोदी ने कहा, ‘ये सारे मिलकर अब देश में एक मजबूर सरकार बनाने में जुट गए हैं। वो नहीं चाहते कि देश में मजबूत सरकार बने और उनकी दुकान फिर बंद हो जाए । वो मजबूर सरकार चाहते हैं, ताकि भ्रष्टाचार कर सकें, हम मजबूत सरकार चाहते हैं, ताकि व्यवस्था में भ्रष्टाचार को खत्म कर सकें । वो मजबूर सरकार चाहते हैं, ताकि अपने परिवार का, अपने रिश्तेदारों का भला कर सकें। देश मजबूत सरकार चाहता है, ताकि सबका साथ-सबका विकास हो सके। वो मजबूर सरकार चाहते हैं, ताकि रक्षा सौदों में दलाली खाई जा सके। हम मजबूत सरकार चाहते हैं, ताकि देश की सेना की हर जरूरत को पूरा कर सकें। वो मजबूर सरकार चाहते है, ताकि किसानों की कर्जमाफी में भी घोटाला कर सकें। हम मजबूत सरकार चाहते हैं, ताकि देश के किसान को सशक्त कर सकें। वो मजबूर सरकार चाहते हैं, ताकि यूरिया घोटाला हो सके, चीनी घोटाला हो सके, हम मजबूत सरकार चाहते हैं, ताकि किसानों को समय पर खाद मिले, अपनी फसलों की उचित कीमत मिले वो मजबूर सरकार चाहते हैं ताकि फिर कॉमनवेल्थ जैसे घोटाले हो सकें। हम मजबूत सरकार चाहते हैं, ताकि अपने बच्चों को ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ खेल की दुनिया में आगे बढ़ा सकें, उन्हें आधुनिक सुविधाएं दे सकें वो मजबूर सरकार चाहते हैं, ताकि 2 जी जैसे घोटाले फिर हो सकें। हम मजबूत सरकार चाहते हैं, ताकि देश का हर व्यक्ति डिजिटल इंडिया मिशन का लाभ उठा सके।
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