
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापसी के लिए आज से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने 2500 किलोमीटर की किसान यात्रा की शुरुआत की. इस यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने ‘खाट पंचायत’ का आयोजन किया और किसानों से बातचीत कर उन्हें इस बात का आश्वासन दिया कि अगर उन्हें सत्ता मिली तो वे उनका बिजली का बिल आधा कर देंगे.
लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि ‘खाट पंचायत’ की समाप्ति के बाद आम लोगों में खटिया को लेकर जाने के लिए घमासान छिड़ गया. लोग खटिया को अपने-अपने घर ले जाने लगे. अफरा-तफरी में कई खटिया टूट गयी. एक लड़के ने बताया कि वह खटिया इसलिए ले जा रहा है क्योंकि यह ‘फ्री’ में मिला है. वहीं एक अन्य ने कहा कि साहब ने कहा है खटिया ले जाने को तो हम ले जा रहे हैं. लोग खटिया के लिए आपस में भिड़ भी गये.
देवरिया से दिल्ली तक की इस यात्रा के जरिये कांग्रेस सत्ता से अपनी 27 साल की दूरी को कम करना चाहेगी. आज सुबह 10.45 बजे कांग्रेस नेता यहां पहुंचे और किसानों के साथ जनसंपर्क अभियान शुरू किया. इस अवसर पर राहुल गांधी सबसे आगे चल रहे थे.
इस यात्रा के लिए राहुल गांधी ने ट्वीट कर लोगों से यात्रा में शामिल होने का आग्रह किया ताकि किसानों और मजदूरों के हक की लड़ाई को मजबूती दी जा सके. राहुल डोर टू डोर कैंपेन चलायेंगे और किसान मांगपत्र को स्वीकार करेंगे. इस मौके पर राहुल गांधी के साथ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद भी हैं.
एक किसान ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि राहुल जी हमारे घर आये और हमारी समस्याओं को सुना और उनके निराकरण का आश्वासन दिया. उन्होंने हमारा फोन नंबर भी लिया है और कहा है कि हमारा बिजली बिल आधा करवा देंगे. उन्होंने हमारे परिवार वालों से भी बात की. खासकर बच्चों से और उनकी पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा.
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने इस बार जनता के बीच पहुंचने के लिए खाट सभा की रणनीति बनाई है. राहुल रुद्रपुर के दूधनाथ बाबा मंदिर मैदान में खाट पंचायत के दौरान जनता से सीधे बात की . राहुल ने कहा है कि देवरिया से दिल्ली तक 2500 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली इस यात्रा का लक्ष्य सरकारी संसाधनों में गरीबों किसानों और मजदूरों के अधिकारों को सुरक्षित करना है. राहुल की किसान यात्रा देवरिया जिले के पंचलारी कृतपुरा गांव से शुरू होकर हर घर तक पहुंच कर किसानों का मांग पत्र इकट्ठे करेगी.
यात्रा के दौरान किसानों से सीधी बात कायम करने के लिए खाट पंचायतों का आयोजन किया जाएगा. कांग्रेस उपाध्यक्ष अपनी इस यात्रा के दौरान कई इलाकों में रोड शो का भी आयोजन करेंगे. यह किसान यात्रा पहले दो दिन के दौरान देवरिया के अलावा कुशीनगर गोरखपुर संतकबीर नगर और बस्ती के विभिन्न इलाकों से गुजरेगी.
राहुल गांधी ने मोदी सरकार के सामने अपनी कुछ शर्त रखते हुए कहा कि ‘पिछले साल मोदी जी की सरकार ने देश के बड़े उद्योगपति दोस्तों के हजारों करोड़ रुपए माफ किए. मेरी मांग है कि उनके कर्ज माफ किए तो किसानों का क्यों नहीं करते? जैसे कांग्रेस ने 70 हजार करोड़ रुपए माफ किया था वैसे ही मोदी सरकार भी माफ करें.
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार किसानों के बिजली बिल को क्यों नहीं आधा करते हैं? कांग्रेस ने मनरेगा और किसानों का कर्ज माफ कर एमएसटी को बढ़ाया था. लेकिन, मोदी सरकार में एमएसटी घट गया. मोदी जी से हमारी मांग है कि इन तीनों मांगों को मानी जाए.’
राहुल गांधी ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में सभाएं करके वह लोगों के दुख दर्द को सुनकर इसे मोदी जी को सुनाएंगे. उन्हें बताया गया कि एक जमाने में इस जीले में 14 चीनी मीलें होती थीं. इसे चीनी का कटोरा कहा जाता था. आज सभी बंद है. इसके जिम्मेदार भारत सरकार और उत्तर प्रदेश की सरकार है. भारत सरकार इसके बारे में कुछ करती है. हम आश्वस्त करते हैं कि न तो हमारी दिल्ली में सरकार में है और न ही प्रेदश में, लेकिन उनकी समस्याओं के निवारण के लिए वह लगातार प्रयास करेंगे.
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में सभी पार्टियों की तरह कांग्रेस भी जी-जान से जुट गई है. यूपी में अपनी राजनीतिक साख बचाने के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक और दांव खेला. जिसमें उन्होंने मंगलवार को यूपी के देवरिया से दिल्ली तक की किसान यात्रा की शुरू की. जिसके पहले चरण में राहुल ने खाट सभा का आयोजन किया. इस खाट सभा में राहुल ने किसानों की समस्याओं को सुना. राहुल गांधी किसानों की समस्या सुनने के बाद जैसे ही अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हुए वहां मौजूद भीड़ ने बीछी खाट के लिए मार-पीट शुरु कर दी और भगदड़ मच गई.
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