देश के संसाधनों पर पहला हक किसानों और जवानों का हक है जिसे केन्द्र सरकार देना नहीं चाहती—जयन्त चैधरी


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राष्ट्रीय लोकदल का किसानों की समस्याओं को लेकर  विषाल प्रदर्षन
लखनऊ । राष्ट्रीय लोकदल द्वारा आज किसानों की समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व सांसद जयन्त चैधरी के नेतृत्व में किसान हुंकार के रूप में  विषाल प्रदर्षन लखनऊ के जी0पी0ओ0 पार्क स्थित गांधी प्रतिमा के सम्मुख  किया गया। जिसकी अध्यक्षता प्रदेष अध्यक्ष डाॅ0 मसूद अहमद ने की। प्रदर्षन में पूरे प्रदेष से हजारों की तादात में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ किसानों ने हिस्सा लिया और केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर आक्रोष जताया। कार्यकर्ताओं ने भारी आक्रोष जताते हुये प्रषासन से भारी झड़प करते हुये पूंजीपतियों की सरकार नहीं चलेगी नहीं चलेगी, किसान विरोधी यह सरकार नहीं चलेगी नहीं चलेगी जैसे गगनभेदी नारे लगाये। धरने में जनता दल यू0 के प्रदेष अध्यक्ष श्री सुरेष निरंजन भैया, राष्ट्रवादी काॅगे्रस पार्टी के प्रदेष अध्यक्ष के0के0 शर्मा तथा समतावादी रिपब्लिकन पार्टी के श्री धर्मेन्द्र यादव ने भाग लिया।
प्रदर्षकारियों को सम्बोधित करते हुये रालोद महासचिव श्री जयन्त चैधरी ने कहा कि देश के संसाधनों पर पहला हक किसानों और जवानों का हक है जिसे केन्द्र सरकार देना नहीं चाहती। केन्द्र की मोदी सरकार ने देश के दो करोड़ नौजवानों को रोजगार देने का वादा किया था लेकिन उसे पूरा नहीं किया। उन्होंने नोटबंदी पर प्रधानमंत्री द्वारा अपनी पीठ थपथपाने पर कहा कि बगैर किसी तैयारी के उन्होंने नोटबंदी करके अपने तानाषाही रवैये का परिचय दिया जिस नोटबंदी के फैसले से देश की 80 प्रतिषत जनता परेषान होकर लाइन में लगी हो वह फैसला देशहित में कैसे हो सकता है। रोज नोटबंदी के नियम बदलकर आम आदमी को केन्द्र सरकार पेरषान करने का काम कर रही है किसान त्रस्त और तबाह है जो अपनी बुवाई नहंीं कर सका है। नोटबंदी का निर्णय करके केन्द्र सरकार ने केवल खस्ताहाल बैंको की बैलेंस शीट सुधारने का काम किया है ताकि उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए लोन दिया जा सके। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की नोटबंदी के फलस्वरूप किसान तबाह और बर्बाद हो चुका है और अब गेहूं पर आयात शुल्क समाप्त करने की घोषणा करके उसकी कमर तोड़ने का क्रूर मजाक किया है जिसे देश का किसान बर्दाष्त नही ंकरेगा।
धरने को राष्ट्रीय महासचिव श्री त्रिलोक त्यागी ने सम्बोधित करते हुये कहा कि कृषि प्रधान देशमें किसानों के साथ ही केन्द्र सरकार अन्याय कर रही है जिसे बर्दाष्त नहीं किया जायेगा तथा प्रदेष अध्यक्ष डाॅ0 मसूद अहमद ने किसानों को सम्बोधित करते हुये कहा कि अपने आक्रोष के साथ धैर्य बनाये रखे मैं और राष्ट्रीय लोकदल आपकी समस्याओं की लड़ाई सम्मानजनक समझौते तक जारी रखेगा।
धरने को जनता दल यू0 के प्रदेष अध्यक्ष श्री सुरेष निरंजन भैया, राष्ट्रवादी काॅगे्रस पार्टी के प्रदेष अध्यक्ष के0के0 शर्मा तथा समतावादी रिपब्लिकन पार्टी के श्री धर्मेन्द्र यादव  ने सम्बोधित किया।
किसानों के जनसैलाब से प्रषासन के हाथ पैर फूल गये क्योंकि सभी किसान राजभवन पहुंचकर अपनी व्यथा राज्यपाल के माध्यम से राज्यपाल को भेजना चाह रहे थे। प्रषासन के अनुरोध पर 22 सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल जयन्त चैधरी के नेतृत्व में  राज्यपाल  से मिलकर पांच सूत्रीय मांगों को ज्ञापन सौंपा। जिसमें  किसानों का सभी तरह का कर्जा माफ किया जाय, गेहूं पर समाप्त किये गये आयात शुल्क को पुनः लागू किया जाय, कृषि बजट बढ़ाया जाय, केन्द्र सरकार अपने घोषणा पत्र के अनुरूप किसानों को उनकी फसल उत्पादन लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देना सुनिष्चित करें तथा मिल मालिको को माफ किये गये बकाया गन्ना का ब्याज का भुगतान उ0प्र0 सरकार स्वयं करें और किसान को ब्याज सहित भुगतान सुनिष्चित कराया जाना प्रमुख थी।
प्रतिनिधि मण्डल में राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी, प्रदेष अध्यक्ष डाॅ0 मसूद अहमद, राष्ट्रीय महासचिव राजेन्द्र शर्मा, वंषनारायन सिंह पटेल, राष्ट्रीय सचिव षिवकरन सिंह, ओंकार सिंह, सुधाकर पाण्डेय, मीडिया प्रभारी अनिल दुबे, सुखबीर सिंह, प्रदेष उपाध्यक्ष हाजी वसीम हैदर, आरिफ महमूद, प्रदेष प्रवक्ता सुरेन्द्रनाथ त्रिवेदी, पष्चिमी उ0प्र0 के अध्यक्ष मुंषीराम पाल, जगत सिंह पूर्व विधायक, युवा रालोद के प्रदेष अध्यक्ष रविन्द्र सिंह पटेल, राजा ऐष्वर्यराज सिंह, प्रदेष सचिव अम्बुज सिंह पटेल प्रमुख थे।
धरने में मुख्य रूप से प्रदेष उपाध्यक्ष धर्मवीर सिंह बालियान, डाॅ0 सुरेष यादव, मौलाना नजमुदीन काषमी, इं0 संतोष कुमार मिश्र, जगत नरायन मौर्या, प्रदेष महासचिव यज्ञदत्त शुक्ल, राजेन्द्र सिंह चिकारा, किरन सिंह, आर0पी0 सिंह चैहान, देवप्रकाष राय, चन्द्रबली यादव, पूर्वी जोन के अध्यक्ष सुधीर किसान, मध्य जोन के अध्यक्ष आदित्य विक्रम सिंह, मनोज सिंह चैहान, बुन्दे्रलखण्ड जोन के अध्यक्ष वीरेन्द्र साझी, विष्वेष्वरनाथ मिश्र, छात्र प्रदेष के अध्यक्ष रनवीर सिंह, महिला मध्य जोन की अध्यक्ष रमावती तिवारी प्रदेष सचिव रजनीकांत मिश्र, बी0एल0 प्रेमी, इलमचन्द्र कष्यप, प्रीति श्रीवास्तव, रामहर्ष यादव, महानगर अध्यक्ष लखनऊ महबूब आलम, जिलाध्यक्ष इलाहाबाद रामकृष्ण पटेल, वाराणसी जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, बाराबंकी जिलाध्यक्ष अखिलेष वर्मा, आजमगढ़ जिलाध्यक्ष महमूद खां, लखीमपुर जिलाध्यक्ष सीमाव अहमद राईन उर्फ चांद मियां, दिनेष कुमार शुक्ला, देवेन्द्र सिंह, आषीष शुक्ला, काजल बाजपेई, इकबाल, राजप्रताप त्रिपाठी, अनंतराम गौतम, राम सिंह पटेल, डाॅ0 सत्येन्द्र सिंह, बेलाल अहमद, मुख्य रूप से थे।

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