एलडीए के भूखण्ड की फर्जी रजिस्ट्री के मामले में एफआईआर


लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव पवन कुमार गंगवार के आदेश पर गोमती नगर थाने में दर्ज करायी गयी रिपोर्ट

लखनऊ | गोमतीनगर के विकासखण्ड में स्थित लखनऊ विकास प्राधिकरण के भूखण्ड की जालसाजों ने फर्जी रजिस्ट्री करा डाली। प्राधिकरण के सचिव पवन कुमार गंगवार द्वारा जांच कराये जाने पर फर्जीवाडा उजागर हुआ। अब इस मामले में प्राधिकरण के योजना सहायक ने गोमतीनगर थाने में एफआईआर दर्ज करायी है।

एलडीए सचिव पवन कुमार गंगवार ने बताया कि गोमती नगर योजना के विकासखण्ड में स्थित भूखण्ड संख्या- 3/214ए को चन्द्रशेखर सिंह पुत्र राम उदित सिंह निवासी म0नं0 1148, वार्ड नं0 13 सी0एम0 कोठी के पास आदर्श नगर, रोहतक, हरियाणा द्वारा विष्णु प्रताप तिवारी पुत्र धिरेन्द्र पति तिवारी निवासी झुगिया बाजार, वार्ड नं0 7, गोरखपुर को बेचा गया। जो उप निबन्धक द्वितीय कार्यालय में बही संख्या 1 जिल्द संख्या 25761 के पृष्ठ संख्या 323 से 340 तक क्रमांक 2538 पर दिनांक 09.02.202 को रजिस्ट्रीकृत किया गया है। इसमें गवाह के रूप में पुनीत तिवारी पुत्र श्याम लाल तिवारी निवासी 422/ए आजाद नगर रूस्तमपुर, गोरखपुर एवं त्रिभुवन पाण्डेय पुत्र सिद्धेश्वर पाण्डेय निवासी 51 हटवारा, गोरखपुर का नाम अंकित है। इसके विक्रय विलेख की सत्यापित प्रति निबन्धक कार्यालय से प्राप्त की गयी तो पता चला कि उक्त विवरण भवन/भूखण्ड संख्या- 5/607 एल0आई0जी0 स्थित विरामखण्ड-5 की सम्पत्ति के बैनामा पंजीकृत से सम्बन्धित है।

सचिव पवन कुमार गंगवार ने बताया कि विकासखण्ड स्थित भूखण्ड संख्या- 3/214ए का आवंटन प्राधिकरण द्वारा किसी को नहीं किया गया है। आरोपितों द्वारा उक्त विक्रय विलेख कूटरचित तरीके से एवं फर्जी अभिलेखों के आधार पर निष्पादित करते हुये प्राधिकरण की बहुमूल्य सम्पत्ति को हड़पने की नियत से दुरभि सन्धि की गई है।

प्राधिकरण के योजना सहायक अब्दुल समी ने इस मामले में चन्द्रशेखर सिंह (विक्रेता), विष्णु प्रताप तिवारी (क्रेता), पुनीत तिवारी (गवाह) एवं त्रिभुवन पाण्डेय (गवाह) के विरूद्ध गोमतीनगर थाने में एफआईआर दर्ज करवायी है।


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