
शुक्रवार सुबह सैकड़ों किसान मुख्यमंत्री से मिलने के लिए धरनास्थल पर जमा हुए और वहां से कासना पहुंचे। किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने कासना गांव में नाकाबंदी कर रखी थी। किसानों ने उसे तोड़ दिया। जीबीयू के गेट नंबर पांच तक पहुंचने से पहले पुलिस ने किसानों को बीच में दो जगह ओर रोका था लेकिन किसान पीछे नहीं हटे। इस दौरान किसान और पुलिस के बीच काफी धक्का-मुक्की हुई। किसानों का कहना है कि पुलिस ने लाठियां भी चलाईं। बाद में पुलिस ने गिरफ्तार करने का प्रयास किया। आखिरी में किसानों को जीबीयू के गेट नंबर पांच पर रोक लिया गया।
समिति के प्रवक्ता मनवीर भाटी ने बताया कि किसान खुन से लिखी चिट्ठी मुख्यमंत्री को देने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने किसानों को मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया। मुख्यमंत्री से नहीं मिलने के बाद नाराज किसानों ने वापस आकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दोनों गेट पर तालाबंदी कर दी। प्राधिकरण गुमराह कर रहा नेफोमा ने फ्लैट खरीदारों के साथ जीबीयू के गेट नंबर पांच पर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री योगी के वादे के बाद भी फ्लैट नहीं मिल रहे हैं।
इससे खरीदारों में रोष बढ़ता जा रहा है। नेफोमा के अध्यक्ष अन्नु खान ने कहा कि बिल्डर के बाद प्राधिकरण और प्राधिकरण के बाद सरकार से उम्मीद थी, लेकिन वह भी धूमिल हो चुकी है। प्राधिकरण मुख्यमंत्री को गुमराह कर रहे हैं। पत्नी व बच्चों के साथ विरोध किया मोजर बीयर कंपनी के कर्मचारी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ प्रदर्शन करने पहुंचे। कासना स्थित अस्पताल से लेकर जीबीयू के गेट नंबर पांच तक पैदल मार्च निकाला। उनकी मांग थी कि वोट के बदले इंसाफ चाहिए। सरकार कंपनी की तालाबंदी को वापस कराए।
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