
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्रियों लालू प्रसाद और जगन्नाथ मिश्र समेत 22 आरोपियों पर जा फैसला सुनाया गया। सीबीआई की विशेश अदालत ने लालू यादव समेत 15 लोगों को दोषी करार दिया जबकि पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा समेत 7 को बरी कर दिया। दोषियों को अब तीन जनवरी 2018 को सजा सुनाई जाएगी। लेकिन तीन जनवरी तक लालू यावद को अब जेल में ही रहना होगा।
सीबीआई के विशेष जज शिवपाल सिंह की अदालत दिन आज करीब 3:50pm पर फैसला सुनाया। यह मामला (आरसी 64ए/96) देवघर कोषागार से 89.4 लाख रुपए की अवैध निकासी से संबंधित है।
11:00am : दोपहर 3 बजे के बाद आने के आसार, पहले सुबह 11 बजे तक आना था फैसला
10:55am : रांची: लालू और जगन्नाथ मिश्रा की विशेष अदालत में पहुंचे
10:50am : लालू गेस्ट हाउस से निकले, कोर्ट में होंगे पेश
10:40am: हमें विश्वास है कि न्याय मिलेगा। फैसला कुछ भी हो हम बिहार की जनता से अपील करते हैं कि कानून व्यवस्था बनाए रखें, एक ही मुर्गी को 9 हलाल किया जा रहा है, मैं पिछड़ी जाति का हूं, मुझे भी इंसाफ की मिलेगा : लालू प्रसाद यादव
21 साल पुराने इस मामले में सीबीआई ने शुरु में 38 लोगों को आरोपी बनाया था। इसमें 11 की मौत ट्रायल के दौरान हो गई। दो आरोपी सरकारी गवाह बन गए और निर्णय के पूर्व ही अपना दोष स्वीकार कर लिया। सीबीआई ने इस मामले में देवघर कोषागार से फर्जी बिल बना कर राशि की निकासी करने का आरोप लगाया है। आपूर्तिकर्ताओं पर बिना सामान की आपूर्ति किए बिल देने और विभाग के अधिकारियों पर बिना जांच किए उसे पास करने का आरोप है। लालू प्रसाद पर गड़बड़ी की जानकारी होने के बाद भी इस पर रोक नहीं लगाने का आरोप है।
डॉ जगन्नाथ मिश्र पर पशुपालन विभाग के उन अधिकारियों को सेवा विस्तार की सिफारिश करने का आरोप है, जो इस घोटाले में शामिल थे। इस मामले में लालू की ओर से 22 गवाह पेश किए गए। सभी पक्षों को सुनने और गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद अदालत ने 14 दिसंबर को सुनवाई पूरी कर 23 दिसंबर को फैसले की तिथि निर्धारित की। इस दिन सभी आरोपियों को अदालत में सशरीर हाजिर होने का निर्देश भी अदालत ने दिया ।
ये लोग थे चारा घोटाले के आरोपी
राजनीतिज्ञ आरोपी – लालू प्रसाद, डॉ जगन्नाथ मिश्र, पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, पूर्व मंत्री डॉ आरके राणा, बिहार के पूर्व पशुपालन मंत्री विद्या सागर निषाद व पीएसी के पूर्व अध्यक्ष ध्रुव भगत।
आईएएस अधिकारी – पूर्व पशुपालन सचिव बेक जुलियस, महेश प्रसाद, पूर्व वित्त आयुक्त फूलचंद सिंह एवं पूर्व आयकर आयुक्त अधिप चंद्र चौधरी, कृष्ण कुमार प्रसाद, सुबीर भट्टाचार्य, त्रिपुरारी मोहन प्रसाद, संजय कुमार अग्रवाल,ज्योति कुमार झा, गोपीनाथ दास, सुनील गांधी, सरस्वती चंद्रा, साधना सिंह, राजाराम जोशी, सुशील कुमार।
48 वें मामले में आया फैसला
करीब 950 करोड़ रुपए के चारा घोटाले मामले में आज से पहले तक 47 मामलों में फैसला आ चुका है। यह 48 वां मामला था। इस घोटाले में कुल 53 केस दर्ज किए गए थे।
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