सुप्रीम कोर्ट से भी पूर्व मुख्य सचिव नीरा यादव की सजा बरकरार


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नई दिल्ली : नोएडा में गलत तरीके से प्लॉट आवंटन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव नीरा यादव की तीन साल की सजा को जारी रखा। नीरा यादव पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप हैं। उनपर आरोप हैं कि उन्होंने नोएडा में अवैध तरीके से प्लॉट का आवंटन किया था।

इससे पहले नोएडा उद्यमी एसोसिएशन ने 1997 में न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलेपमेंट अथॉरिटी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में केस दायर किया था। इसके बाद 1998 में सीबीआई ने इसकी जांच शुरू की। सीबीआई ने इस मामले से जुड़े करीब 36 मामलों की जांच के बाद नीरा यादव और आईएएस अधिकारी राजीव कुमार के खिलाफ 2002 में चार्जशीट दाखिल की थी।

उन्हें 20 नवंबर 2012 को तीन साल की सजा सुनाई गई थी। बाद में नीरा यादव ने गाजियाबाज की सीबीआई कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। अदलात ने यादव को डासना जिला जेल भेजने का आदेश दिया था, जिससे कि वो अपनी बाकी की सजा पूरी कर सकें।

 


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