
मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा विभागों के कार्यों की समीक्षा की
बेसिक शिक्षा अधिकारियों द्वारा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों का
निरीक्षण और इनकी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेसिक शिक्षा के विद्यालयों में विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें, स्कूल बैग, यूनिफाॅर्म, जूते-मोजे, स्वेटर आदि समय पर उपलब्ध कराये जाएं। इस कार्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत आधार नामांकन कराया जाए।
मुख्यमंत्री आज यहां लोक भवन में बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा विभागों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। विद्यालयों में समान शिक्षक-छात्र अनुपात को आवश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि जहां विद्यार्थियों की संख्या अधिक है, वहां पर्याप्त संख्या में शिक्षक तैनात होने चाहिए। कम छात्र-छात्राओं की संख्या वाले विद्यालयों में अधिक संख्या में अध्यापकों की तैनाती नहीं होनी चाहिए। अधिसंख्य शिक्षकों को अन्य विद्यालयों में स्थानान्तरित किया जाए। शिक्षकों के स्थानान्तरण का कार्य जून माह में ही पूर्ण कर लिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत दिनों बेसिक शिक्षा अधिकारियों और जिला विद्यालय निरीक्षकों के सम्मेलन में उन्होंने इन अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण, प्रधानाचार्याें तथा अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिये थे। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों द्वारा की जाने वाली बैठकों की माॅनीटरिंग की जानी चाहिए। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के निरीक्षण को आवश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा अधिकारियों द्वारा इन विद्यालयों का निरीक्षण और इनकी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत दिनों बेसिक शिक्षा अधिकारियों और जिला विद्यालय निरीक्षकों के सम्मेलन में उन्होंने इन अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण, प्रधानाचार्याें तथा अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिये थे। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों द्वारा की जाने वाली बैठकों की माॅनीटरिंग की जानी चाहिए। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के निरीक्षण को आवश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा अधिकारियों द्वारा इन विद्यालयों का निरीक्षण और इनकी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बैठक में शिक्षा सेवा संवर्ग का विभाजन एवं पुनर्गठन करते हुए बेसिक शिक्षा संवर्ग के गठन, बेसिक शिक्षा निदेशालय एवं बेसिक शिक्षा विभागे के पदों की रि-स्ट्रक्चरिंग की आवश्यकता, अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल शिक्षक भर्ती नियमावली में संशोधन, विभाग की योजनाओं, कार्याें के क्रियान्वयन की स्थिति, वित्तीय अनुशासन एवं पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु स्टेट डाटा मैनेजमेंट सेण्टर की स्थापना, ‘मानव सम्पदा पोर्टल’ के माध्यम से शिक्षक कर्मियों की ई-सर्विस बुक, वेतन, समस्त अवकाश, सेवानिवृृत्तिक भुगतान का समयबद्ध निस्तारण, माध्यमिक शिक्षा की भांति परिषदीय विद्यालयों एवं बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालयों में एन0सी0आर0टी0 की पाठ्य पुस्तकों को लागू करने, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का माध्यमिक स्तर तक उच्चीकरण, अमेठी, गाजियाबाद, सम्भल, कासगंज एवं शामली जनपदों में डायट की स्थापना आदि विषयों पर भी चर्चा हुई।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों की चयन प्रक्रिया शीघ्रता और पूरी पारदर्शिता के साथ सम्पन्न की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोक सेवा चयन आयोग द्वारा प्रधानाचार्य एवं प्रधानाध्यापक जैसे पदों हेतु चयन किया जाना चाहिए। राजकीय विद्यालयों अथवा अशासकीय मान्यता प्राप्त विद्यालयों के सभी शिक्षकों का चयन एक शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा किया जाना चाहिए। इसके लिए एक शिक्षा सेवा चयन आयोग गठित किया जाए।
बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा श्री आर0के0 तिवारी एवं अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा श्रीमती रेणुका कुमार द्वारा मुख्यमंत्री जी को अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती अनुपमा जायसवाल, मुख्य सचिव डाॅ0 अनूप चन्द्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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