
नई दिल्ली: देश में नोटबंदी के बाद विपक्षियों के निशाने पर आये वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अब अपना सब्र तोड़ दिया है. उन्होंने सभी विपक्षियों के हंगामे से परेशान होकर इन सभी को एक बड़ी चुनौती दे डाली है. 16 नवम्बर को संसद के शीतकालीन सत्र के शुरू हुई थी जिसके बाद से भी सदन में दुसरे दलों के सांसद लगातार बीजेपी को नोट बंदी पर घेरने की कोशिश कर रहे हैं.
नोटबंदी के मुद्दे पर अरुण जेटली ने राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान चुनौती देते हुए कहा, “विपक्ष किसी न किसी कारण से सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है. अगर उनमें हिम्मत है तो मैं उन्हें बहस शुरू करने की चुनौती देता हूं.”
इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष पर प्रचार के लिए इस मुद्दे को उठाने का एक बड़ा आरोप भी लगाया. वित्त मंत्री ने कहा “वे टेलीविजन पर कवरेज के लिए इस मुद्दे को प्रतिदिन दो मिनट के लिए शून्यकाल के दौरान उठाते हैं. उन्हें इस बात की कोई चिंता नहीं है कि बहस जारी रहती है या नहीं.”
आपको बता दें कि अरुण जेटली की विपरीत बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने मोदी सरकार को निशाने पर लिया था. उन्होंने कहा था, ‘लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू पर आरोप लगाते हुए कहा था कि ये दोनों भी नहीं चाहते हैं कि सदन चले. यहां तक कि कोई भी राजनीतिक दल नहीं चाहता है कि सदन में कामकाज हो. ऐसे में संसद को अनिश्चितकाल के लिए टाला तो नहीं जा सकता?’
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