
lucknow | जीडीए को हुडको से करीब 700 करोड़ रुपये के लोन की मंजूरी मिल गई है। अब प्राधिकरण मधुबन-बापूधाम योजना की 281 एकड़ जमीन लेने के लिए किसानों को मुआवजा दे सकेगा। साथ ही वहां विकास कार्य तेजी से शुरू हो जाएगा। जीडीए ने मधुबन-बापूधाम योजना की 281 एकड़ जमीन का मुआवजा देने के लिए हुडको से करीब 1000 करोड़ के लोन के लिए जून में आवेदन किया था। इसे प्राधिकरण ने बोर्ड बैठक में भी पास करा लिया गया था। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद हुडको ने प्राधिकरण का करीब 700 करोड़ रुपये का लोन पास कर दिया है। अब प्राधिकरण जल्द ही मधुबन बापूधाम योजना की 281 एकड़ जमीन का मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
जीडीए के अधिकारियों का कहना है कि लोन मिल गया है। जल्द ही किसानों को मुआवजा देकर जमीन पर कब्जा ले लिया जाएगा। इसके बाद योजना के तहत आवासीय, व्यावसायिक, ग्रुप हाउसिंग, स्कूल और कॉलेज, सी शॉप्स, पेट्रोल व सीएनजी पंप, हॉस्पिटल व हेल्थ सेंटर, गेस्ट हाउस, धार्मिक स्थल आदि के लिए भूखंड बेचकर पैसा कमाने की कवायद शुरू करेगा। वर्ष 2004 में मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना बनाई थी। इसके तहत छह गांवों की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई। 800 एकड़ जमीन का तो करार किया गया, बची 434 एकड़ जमीन के मालिक किसान और सहारा ग्रुप अधिग्रहण के खिलाफ हाईकोटे चले गए।
हाईकोर्ट ने जीडीए के पक्ष में फैसला दिया, जिसके बाद जीडीए को धीरे-धीरे 153 एकड़ जमीन और मिल गई, लेकिन 281 एकड़ जमीन, जिसमें किसानों के अलावा 91 एकड़ जमीन सहारा ग्रुप की है रह गई। वर्ष 2010 में मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली गई। छह साल की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने गत वर्ष नवंबर महीने के आखिरी सप्ताह में नए भू-अधिग्रहण कानून के अनुसार मुआवजा देकर जमीन लेने के आदेश दिए।
https://rashtriyadinmaan.com
