
lucknow | जीडीए वीसी रितु माहेश्वरी ने के आठ अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट जारी कर शासन को कार्रवाई के लिए भेजी है। इस सभी पर मोहननगर स्थित गुलमोहर ग्रींस ग्रुप हाउसिंग सोसायटी मामले में हाई कोर्ट के आदेश की अवमानना करने और भ्रमित करने के आरोप है।
गुलमोहर ग्रींस रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने सोसायटी में एसवीपी बिल्डर द्वारा अवैध निर्माण करने का आरोप लगाते हुए 2015 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस मामले में आठ जनवरी 2016 को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि जीडीए उपाध्यक्ष सोसायटी का निरीक्षण कर अवैध निर्माण की स्थिति देखें और तीन सप्ताह में रिपोर्ट दाखिल करें। तत्कालीन जीडीए उपाध्यक्ष विजय यादव ने विधानसभा चुनाव के चलते निरीक्षण कर रिपोर्ट दाखिल करने को कोर्ट से एक महीने का समय मांगा। उसके बाद भी जीडीए उपाध्यक्ष की ओर से न निरीक्षण किया गया और न ही उसकी रिपोर्ट दाखिल हुई।
अब कोर्ट ने कहा कि अब 11 दिसंबर को सुनवाई में उपाध्यक्ष स्वयं प्रस्तुत होकर कारण बताएं। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि उपाध्यक्ष आठ दिसंबर तक हलफनामा दाखिल कर दें और याचिकाकर्ता को पांच हजार रुपये अदा करें तो स्वयं प्रस्तुत होने से छूट मिल सकती है।
इस मामले में हलफनामा दाखिल करने से पहले जीडीए उपाध्यक्ष रितु माहेश्वरी ने कोर्ट के आदेश की अवमानना करने पर तत्कालीन अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा, अधिशासी अभियंता विमल कुमार सोनकर, सहायक अभियंता निरंकार सिंह तोमर, अवर अभियंता श्रीराम सिंह यादव और चमन त्यागी के खिलाफ चार्जशीट जारी की है। इन पांचों का यहां से स्थानांतरण हो चुका है। इनके अलावा मौजूदा अवर अभियंता निसारूद्दीन सिद्दीकी, अशोक अरोड़ा और राजेश शर्मा को चार्जशीट जारी कर शासन से कार्रवाई की संस्तुति की है।
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