गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में दोनों ही सीटों पर कमल खिलेगा—-केशव प्रसाद मौर्य


 इलाहाबाद में पार्टी के मीडिया सेंटर का उद्घाटन करने के बाद संवाददाताओं से मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को जनता ने 2014 और 2017 के चुनाव में नकार दिया था। फूलपुर की जनता गुंडागर्दी, भ्रष्टाचार और जातिवाद को बर्दाश्त नहीं करेगी। यहां की जनता 2018 में भी विकास के लिए वोट देगी।

उन्होंने दावा किया कि लगातार दो दिनों के भ्रमण के दौरान जनता में 2014 के आम चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव से अधिक उत्साह है। फूलपुर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी कौशलेंद्र सिंह पटेल के लिए प्रचार कर रहे मौर्य ने कहा कि जब से केंद्र में मोदी और राज्य में योगी के नेतृत्व में सरकार बनी है, तब से लोगों को भयमुक्त वातावरण मिला है और यह हमारी सरकार की सबसे बड़ी सफलता है।

उन्होंने दावा किया कि कुल वोट का 60 प्रतिशत हिस्सा भाजपा के पास है। शेष में बाकी पार्टियां हैं। इन उपचुनाव में भाजपा को मिलने वाली जीत अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए मजबूत नींव रखेगी।

मालूम हो कि उपमुख्यमंत्री बनने के बाद मौर्य ने फूलपुर लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था। वहीं, गोरखपुर सीट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के त्यागपत्र देने के बाद रिक्त हुई है।

एक सवाल पर मौर्य ने कहा कि मेरे प्रति पार्टी कार्यकर्ताओं का स्नेह ही है कि किसी ने यह विचार पेश किया कि मेरे परिवार के किसी सदस्य को उपचुनाव में उतारना चाहिए। हालांकि, मैं कार्यकर्तावादी हूं, परिवारवादी नहीं। मैं भाजपा के बड़े परिवार का सदस्य हूं।

गौरतलब है कि गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में भाजपा, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने की सम्भावना है। भाजपा ने फूलपुर से कौशलेन्द्र सिंह पटेल और गोरखपुर से उपेन्द्र दत्त शुक्ल को मैदान में उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने गोरखपुर और फूलपुर से क्रमशः सुरहिता करीम और मनीष मिश्र को, जबकि सपा ने क्रमशः प्रवीण निषाद और नागेन्द्र प्रताप सिंह पटेल को उम्मीदवार बनाया है।

गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से योगी पांच बार सांसद रहे हैं। वहीं, फूलपुर कभी कांग्रेस का गढ़ था। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू इसका प्रतिनिधित्व करते थे।

 


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