मुंबई में गरजे मोदी, कहा बेईमानों की बर्बादी का वक्त शुरू


 

 

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मुंबई | पीएम मोदी इन दिनों देश में अलग-अलग जगह पर रैलियां संबोधित कर रहे है। शनिवार को पीएम मोदी मुंबई में छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा स्थापना समारोह में पहुंचे। यहां पीएम मोदी ने कहा कि ‘‘दुर्भाग्य से हम टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ताजमहल से आगे नहीं निकल पाए है। उन्होंने शिवाजी के बनवाए किलों पर काम शुरू करने का आहवान भी किया।

भगवान राम से शिवाजी की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान राम की तरह उन्होंने किसानों और गरीबों को युद्ध के लिए तैयार किया। पीएम ने कहा कि छत्रपति महाराज का जीवन घोड़ा, तलवार, हार और जीत से भी परे है। प्रधानमंत्री ने जल प्रबंधन को लेकर शिवाजी की तारीफ की और कहा कि मुद्रा नीति, सामुद्रिक सुरक्षा को लेकर छत्रपति महाराज ने इसकी ताकत को पहचाना और नौसेना बनाई। दुनिया में जहां पर पुरातन जीवन व्यवस्थाएं हैं उन देशों में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ऑइकॉनिक चीजें महत्वपूर्ण हैं।

ताजमहल का नाम सुनकर दुनिया भर के लोगों को लगता है कि जाना चाहिए। भारत में भी हमारे राजा, महराजाओं ने हर इलाके में किले और भवन बनवाएं हैं। उस समय की विशेषताएं हैं। दुर्भाग्यपूर्ण से हम ताजमहल से बाहर नहीं निकल पाए। ट्रिलियन डॉलर का व्यापार टूरिज्म में है। अपनी सरकार की योजनाएं गिनाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों को पेंशन देने के लिए न्यूनतम राशि तय की और बुजुर्गों को जिंदगी देने के लिए ये उपाय किया। गरीबों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए प्रयास शुरू किए। गरीब मांओं के लिए सरकार ने तय किया कि गरीब परिवारों को लकड़ी के चूल्हे से मुक्त कराना है।

चुनाव हारने पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बनते ही हमने करप्शन के खिलाफ हमला बोल दिया। जाली नोट, काला धन, भ्रष्टाचार के खिलाफ एक निर्णायक जुगल बजा दिया। सवा करोड़ देशवासियों ने तकलीफ झेलते हुए एक पल के लिए भी मेरा साथ नहीं छोड़ा। इन लोगों को डराने के लिए अफवाहों का बाजार गर्म किया गया, लेकिन बहकावे में आए बिना देशवासियों ने साथ दिया है। पिछले चुनावों में महाराष्ट्र ने इस पर मुहर लगा दी, तो पूरे देश में यह निर्णय चला गया।

मैंने गोवा में कहा था कि ये लड़ाई सामान्य नहीं है। 70-70 साल मलाई खाने वाले ऐसे ऐसे तगड़े लोग इसको असफल करने के लिए पूरी ताकत लगा देंगे किसी ने भी कसर नहीं छोड़ी है, लेकिन सवा करोड़ देशवासियों के सामने मलाई खाने वाले टिक नहीं सकते। देश झुक नहीं सकता दोस्तों। कुछ लोगों को लगता था कि बैंक वालों को पटा लिया तो सारा काला धन सफेद हो जाएगा। अरे काले धन वाले बैंक आने के बाद ही तो खेल शुरू हुआ है।

आने वाले दिनों में बेइमानों को परेशानी शुरू होने वाली है। मैं कहता हूं कि गरीबों का हक तो आपको चुकाना ही होगा, आपको बख्शा नहीं जाएगा। और कोई मानता है कि पहले की तरह कोई रास्ता ढूंढ़ कर निकल जाएगा, तो आपको पता होना चाहिए कि सरकार बदल चुकी है।


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