मोदी पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री के पैतृक घर गए , सुने भजन


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वाराणसी |    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को वाराणसी में रामनगर से शास्त्री चौक तक 800 मीटर तक का खुली गाड़ी से सफर किया। इसके बाद उन्होंने शास्त्री चौक पर पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। फिर वे पैदल ही पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री के पैतृक घर गए।लाल बहादुर शास्त्री के पैतृक घर पहुंचकर पीएम मोदी ने उनकी तमाम तस्वीरें देखीं और फिर बैठकर शास्त्री‍ जी के जीवन पर आधारित भजन सुने। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस समय लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा से उनके पैतृक आवास पैदल जा रहे थे, उस समय वहां मौजूद लोगों ने उनपर पुष्प वर्षा की।

रामनगर में भजन सुनने के बाद प्रधानमंत्री ने शास्त्री जी की रसोई को देखा। इस दौरान उनके चेहरे पर उदासी दिखी। उन्होंने विजिटर बुक में लिखा कि इस धरती को वह सलाम करते हैं, जिन्होंने लाल बहादुर शास्त्री जैसे आदर्श नेता और प्रधानमंत्री को पैदा किया। मोदी की आगवानी सुनील शास्त्री व पूर्व प्रधानमंत्री की पुत्रवधू नीरा श्रीवास्तव ने की।

 

इससे पहले पीएम मोदी आज सुबह 11 बजे हिंदू विश्वविद्यालय के पास स्थित गड़वाघाट पहुंचे। गड़वाघाट के संतों ने मोदी को रुद्राक्ष की माला पहनाकर स्वागत किया। गड़वाघाट पहुंच कर मोदी ने पहले पूजी-अर्चना की। पूजा करने के बाद मोदी महंत शरणानंद से मिले और गौसेवा की।प्रधानमंत्री मोदी ने गाय को केला और चारा खिलाकर गौमाता से आशीर्वाद लिया। बता दें कि यूपी के सातवें चरण में 40 सीटों पर 8 मार्च को मतदान होने हैं। इसी चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी वोटिंग होनी है।

यूपी चुनाव का सातवां चरण 40 सीटों पर आठ मार्च को होगा। वाराणसी में आठ सीटें हैं। ये पिंडरा, अजगरा (सु), शिवपुर, वाराणसी उत्तरी, वाराणसी दक्षिणी, वाराणसी कैंट, सेवापुरी और रोहनिया की सीट शामिल है।

पीएम मोदी ने रविवार को वाराणसी में करीब पांच किलोमीटर लंबा रोड शो किया था। यह रोड पुलिस लाइन से शुरू होकर काशी विद्यापीठ तक चला था। इसके बाद उन्होंने काशी विद्यापीठ मैदान में जनसभा को संबोधित किया।

इस दौरान पीएम ने सपा, बसपा और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 8 नवंबर को आठ बजे रात को जब नोटबंदी का ऐलान किया तो यह सपा बसपा और कांग्रेस सभी दल इकट्ठे हो गए और एक दूसरे से बचने का उपाय पूछने लगे। नोटबंदी से सबकी नैया डूबी इसीलिए ये इकट्ठे हुए। बहनजी तो कह रही थीं कि मोदीजी आठ घंटे का वक्त तो दे देते।


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