
आयोग के आदेश पर बजाज एनर्जी को समस्त आपत्तियों पर 10 दिन में देना होगा जवाब
लखनऊ,। उत्तर प्रदेश में सबसे मंहगी बिजली पैदा करने वाल उत्पादन गृह बजाज एनर्जी के कुल 5 उत्पादन गृहों खम्बनखेडा, बरखेडा, मकसूदपुर, कुन्दरकी और उतरौला जिनकी कुल 450 मेगावाट क्षमता की कैपिटल कास्ट व टूऊ.अप के सम्बन्ध में आयोग द्वारा जारी आदेश के क्रम में उ0 प्र0 राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आज नियामक आयोग अध्यक्ष देश दीपक वर्मा से मुलाकात कर अपनी अंतरिम आपत्तियॉं आयोग को सौंप दी। गौरतलब है कि आयोग द्वारा 19 अगस्त को जारी अपनी आदेश में उपभोक्ता परिषद को 15 दिन में बजाज के खिलाफ आपत्ति उठाने का समय दिया गया था जिसकी आज अतिम दिन थाए अब उपभोक्ता परिषद द्वारा दाखिल आपत्ति पर बजाज कम्पनी को 10 दिन में साक्ष्यों सहित जवाब देना होगा।
इस अवसर पर आयोग अध्यक्ष देश दीपक वर्मा ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को आश्वासन दिया कि बजाज एनर्जी को आयोग आदेशानुसार उपभेाक्ता परिषद द्वारा उठाये गये सभी बिन्दुओं पर साक्ष्यों सहित 10 दिन में जवाब दाखिल करना हेागा। इसके बाद आयोग इन याचिकाओं पर विचार करेगा। उ0 प्र0 राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आज दाखिल अपनी अंतरिम आपत्तियों में यह मुददा उठाया कि बजाज एनर्जी गु्रप की इन हाउस कम्पनी बजाज इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेन्ट कम्पनी बिडको जिसको बजाज एनर्जी ने टरबाइन, बायलर, कोलहैंडलिंग से संबंधित अनेकों कार्य मंहगी दरों पर दिया है जिसको बिडको ने सबलेट कर अन्य कम्पनियों को सस्ती दरों पर दिया है और इससे बजाज एनर्जी को बडा फायदा हुआ है। ऐसे में बिडको व उसके द्वारा आदेश को सबलेट करने वाली कम्पनी के सभी कर्यादेश आयोग तलब कर उपभोक्ता परिषद को उपलब्ध कराये। जिससे जनहित मेे सही आपत्ति दी जा सके। उपभोक्ता परिषद ने अपनी आपत्ति में सीएजी द्वारा उठायी गयी आपत्तियों को आधार बनाकर यह मुददा उठाया कि सीएजी रिपोर्ट 2013 के अनुसार बिजली करार में सकल स्टेशन हीट रेट व रखरखाव आक्जेलरी उपभोग के मापदण्ड सही ढंग से निर्धारित न करने के कारण विद्युत क्रय का मूल्य उच्च दरों पर निर्धारित हुआ जिससे 24 वर्षों में बजाज को 2464 करोड़ का लाभ होगा। ऐसे में इसका खामियाजा उपभोक्ता क्यों भुगते। उपभोक्ता परिषद ने आगे यह भी मुददा उठाया कि बजाज के इन उत्पादन गृहों से वर्तमान में रू0 6.82 प्रति यूनिट में बिजली खरीद हो रही है जबकि सस्ती बिजली पावर एक्सचेंज पर उपलब्ध है। ऐसे में इन सब पहलुओं को भी गंभीरता से देखा जाना चाहिये।
उपभोक्ता पषिद अध्यक्ष ने बजाज एनर्जी के पॉंचों उत्पादन गृहों की कुल कैपिटल कास्ट रू 2511 करोड व पुनः उसमें 155 करोड की अतिरिक्त मांग को न्यायोचित न बताते हुए सभी पहलुओं की गंभीरता से छानबीन की वकालत की। उपभोक्ता परिषद ने आयोग व पावर कारपोरेशन द्वारा बजाज एनर्जी के मानकों को देखने के लिये एक्सपर्ट कमेटी के समस्त दस्तावेजों को उपभोक्ता परिषद को उपलब्ध कराने की मांग दोहराते हुए सभी रिपोर्ट को सभी के सामने लाने की पुरजोर मांग भी उठायी।
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