कई सारे बिल्डर लोगों को लुभावने ऑफर देकर धोखाधड़ी करते हैं। धोखाधड़ी के अधिकतर मामलों में देखा गया है कि खरीदार ने शुरुआती जांच-पड़ताल ठीक से नहीं की। बिल्डर की तरफ से दिखाए गए ब्रॉशर पर ही भरोसा करके अपने जीवन की गाढ़ी कमाई घर खरीदने में न लगाएं। प्रॉपर्टी को खुद जाकर देखें और सुनिश्चित करें कि वह आपके लिए सही है। सिर्फ 10 बातों का ध्यान रखकर आप धोखाधड़ी से बच सकते हैं।
1- ब्रॉशर नहीं, अप्रूव्ड लेआउट मैप देखें- घर खरीदते वक्त बिल्डर से प्रोजेक्ट का अप्रूव्ड लेआउट मैप दिखाने को कहें। अच्छे बिल्डर खुद ही प्रोजेक्ट का अप्रूव्ड लेआउट दिखाते हैं। इससे ये साफ हो जाता है कि योजना में कितने टावरों, कितनी मंजिलों और कितने मकानों के निर्माण की मंजूरी मिली है। सिर्फ ब्राशर पर यकीन करने से आप गलतफहमी के शिकार हो सकते हैं। ब्राशर में अक्सर बिल्डर चीजों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हैं।
2- मांगे ऑक्यूपेंसी और कंप्लीशन सर्टिफिकेट- कई बार देखा गया है कि बिल्डर अप्रूव मकानों से अधिक मकान या फ्लोर बना देते हैं। इसलिए आप मकान खरीदने से पहले बिल्डर से कम्प्लीशन या ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट जरूर मांगें। ये दोनों प्रमाण-पत्र बिल्डर को नगर निगम जैसे निकाय से मिलते हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि इमारत का निर्माण सभी नियमों को पालन करते हुए अप्रुव नक्शे के आधार पर हुआ है या नहीं।
3- समझें बैंकों का नजरिया- किसी भी प्रोजेक्ट की विश्वसनीयता जानने का एक आसान तरीका यह भी है कि आखिर कौन-कौन से बैंक उस प्रोजेक्ट के लिए फाइनेंस कर रहे हैं। अगर किसी प्रोजेक्ट के लिए सिर्फ कुछ गिने-चुने बैंक ही लोन दे रहे हों तो उस प्रोजेक्ट में निवेश करने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है।
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