गृह मंत्रालय ने राज्यों को किया अलर्ट, कहा- वोटों की गिनती के दौरान भड़क सकती हैं हिंसा


बिहार में बीजेपी के सहयोगी और केन्द्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने कुशवाहा की इस धमकी का जवाब दिया। पासवान ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की तरफ से मंगलवार की शाम को दिए गए एनडीए की डिनर के बाद के बाद कहा कि इसका ‘मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।’

केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने बयान में कहा- “गृह मंत्रालय ने सभी राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वह मतगणना केन्द्र की सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए पर्याप्त कदम उठाएं।”

 

गृह मंत्रालय ने यह साफ नहीं किया कि आखिर किस वजह से उन्हें वोटों की गिनती से ठीक पहले एडवाइजरी जारी करनी पड़ी। लेकिन ये बताया कि इससे पीछे कई बयानों में मत गणना वाले दिन हिंसा भड़काने और नुकसान पहुंचाने जैसी बातों के चलते इस तरह का अलर्ट जारी किया गया है।

केन्द्र की तरफ से यह अप्रत्याशित एडवाइजरी ऐसे वक्त पर जारी की गई है जब विपक्षी पार्टियां चुनाव आयोग पर हमलावर रूख अख्तियार करते हुए सत्ताधारी गठबंधन के पक्ष में फैसले देने का आरोप लगाया है। विपक्षी दलों काफी लंबे समय से इलैक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्हें इस बात का डर है कि इसके साथ छेड़छाड़ किया जा सकता है।

यह चिंता उस वक्त और तेज हो गई जब एक वीडियो में यह दिखाया गया कि इलैक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन को एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के चंदौली में कुछ अज्ञात लोग उस संसदीय क्षेत्र में चुनाव होने के एक दिन बाद एक स्ट्रांग रूम के बाहर वोटिंग मशीन उतारते हुए देखे गए।

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वीडियो में जो डिवाइस देखे गए वह ‘रिजर्व ईवीएम’ (बैकअप मशीन) थे। लेकिन, आयोग से जब यह पूछा गया कि क्यों वोटिंग होने के एक दिन बाद इसे लाया गया जबकि प्रोटोकॉल के मुताबिक चुनाव के दिन ईवीएम के इस्तेमाल के बाद बाकी ईवीएम को गोदाम में भेजा जाना चाहिए। इस सवाल पर वह चुप्पी साध गए।


Scroll To Top
Translate »