ऊर्जा क्षेत्र के लिए निराशाजनक बजट : शैलेन्द्र दुबे


 

 

पाँच लाख रु तक इनकम टैक्स छूट स्वागतयोग्य किन्तु टैक्स दरों में कोई बदलाव न होना कर्मचारियों के साथ धोखा

और पुरानी पेंशन बहाली न होना अत्यन्त निराशाजनक 

lucknow | ऑल इण्डिया पॉवर इन्जीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने बजट 2020 को ऊर्जा क्षेत्र के लिए निराशाजनक बताते हुए पॉंच लाख रु तक इनकम टैक्स में छूट का स्वागत करते हुए कहा है कि टैक्स की दरों में कोई बदलाव न होना और 80 सी सी के तहत बचत की सीमा डेढ़ लाख में कोई बढ़ोतरी न करना कर्मचारियों के साथ धोखा और अत्यन्त निराशा जनक है |

उन्होंने कहा कि 2004 के बाद नौकरी में आये सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन की घोषणा न होना सबसे अधिक निराशाजनक और  अत्यधिक अन्यायपूर्ण है खासकर तब जब एक दिन भी एम् पी व् एम् एल ए रहने वाले को जिंदगी भर पेंशन मिलती है तो जिंदगी भर नौकरी करने वाले कर्मचारी को पेंशन से वंचित करना सरासर अन्यायपूर्ण है |

उन्होंने कहा कि वैसे तो  आय कर छूट की सीमा कम से कम 08  लाख रु की जानी चाहिए थी क्योंकि  केंद्र सरकार ने 08 लाख तक की आय वालों को गरीब मान कर आरक्षण देने का प्राविधान किया है |

उन्होंने कहा कि  80 सी सी के अन्तर्गत बचत की सीमा 01.50 लाख से बढ़ाकर कम से कम 03 लाख की जानी  चाहिए थी |

उन्होंने कहा कि आय कर के स्लैब में कोई बदलाव न करने का अर्थ यह है कि जिन कर्मचारियों का वेतन 05 लाख रु से अधिक है उन्हें अभी भी  पहला  स्लैब 05 % का 02.50 लाख से रु 05 लाख तक , दूसरा स्लैब 20 % का 05 लाख रु से 10 लाख रु तक है और 10 लाख रु के ऊपर 30 % टैक्स स्लैब बना रहेगा  | इस प्रकार टैक्स स्लैब में कोई बदलाव न होने से सामान्य कर्मचारियों के साथ धोखा किया गया है और उन्हें को कोई  लाभ नहीं होगा |

सेवा निवृत्त कार्मिकों को उम्मीद थी कि उनकी पेन्शन पूरी तरह कर मुक्त की जायेगी किन्तु सीनियर सिटिजन को कोई राहत नहीं दी गई है जो निराशाजनक है  |


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