सभी सरकारी एवं निजी कार्यालयों में बीमार, दिव्यांग कर्मचारी और गर्भवती महिला कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ की सुविधा दी जाए—मुख्यमंत्री योगी


यूपी के सरकारी कर्मचारी खरीद सकेंगे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर

लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना काल में राज्य कर्मचारियों को बड़ी सहूलियत देने का ऐलान किया है। सीएम ने कहा कि सभी सरकारी एवं निजी कार्यालयों में बीमार, दिव्यांग कर्मचारी और गर्भवती महिला कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ की सुविधा दी जाए। इन्हें कार्यालय आने की कोई अनिवार्यता नहीं है। इसी प्रकार सभी सरकारी कार्यालयों में 50% कार्मिक क्षमता से ही कार्य लिया जाए। इस व्यवस्था को तत्काल प्रभावी बनाया जाए। प्रदेश में अंतरराज्यीय बस परिवहन को स्थगित किया गया है। निजी परिवहन ऑपरेटर आधी क्षमता के साथ ही कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए ही संचालित हो सकेंगे। परिवहन विभाग इस व्यवस्था को सख्ती से लागू कराए।

सीएम ने शुक्रवार को टीम-9 की बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार के अधिकारी व कर्मचारी शासन द्वारा तय चिकित्सा प्रतिपूर्ति के नियमों के अंतर्गत ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की खरीद कर सकते हैं। कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही सरकारी कार्यालयों में एक समय में एक तिहाई से अधिक कर्मचारी उपस्थित न रहें। इस संबंध में आदेश जारी कर दिए जाएं।



आगामी सोमवार से 11 और जिलों में 18-44 आयु वर्ग के टीकाकरण अभियान का शुभारंभ होगा। संबंधित प्रभारी मंत्री व स्थानीय जनप्रतिनिधि किसी न किसी टीकाकरण केंद्र पर उपस्थित रहें। लोगों का उत्साहवर्धन के लिए जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सहायक होगी। चिकित्सा शिक्षा मंत्री के स्तर से वैक्सीन निर्माता कंपनियों से सतत संपर्क बनाये रखा जाए।


सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों के परामर्श के अनुसार कोरोना संक्रमित अथवा लक्षण वाले लोग अभी टीकाकरण न कराएं। इसी प्रकार स्वास्थ्य विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि कोविड संक्रमित व्यक्ति को स्वस्थ होने के न्यूनतम एक माह बाद ही वैक्सीनेशन कराना चाहिए। टीकाकरण केंद्रों पर कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से अनुपालन हो। ऑन-द-स्पॉट पंजीयन से अव्यवस्था हो सकती है। अनावश्यक भीड़ न हो, इसके लिए ऑनलाइन पंजीयन व्यवस्था को ही लागू रखना उचित होगा। जिनकी बारी है, उनसे यथासंभव एक-दो दिन पूर्व फोन से संपर्क कर लिया जाना उचित होगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि डीएम और सीएमओ यह सुनिश्चित करें कि टेस्ट की यह प्रक्रिया गांव में ही हो। सीएचसी-पीएचसी पर जाने की कोई अवश्यकता नहीं है। आरआरटी की संख्या में तीन से चार गुना बढ़ोतरी के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। होम आइसोलेशन में उपचाराधीन लोगों को समय से मेडिकल किट जरूर दी जाए। मुख्य सचिव कार्यालय और मुख्यमंत्री कार्यालय से इसकी समीक्षा की जाए। निगरानी समितियां जिन लोगों को मेडिकल किट दें उनका विवरण आईसीसीसी को उपलब्ध कराएं। आईसीसीसी इसका सत्यापन करे। इसके बाद सीएम हेल्पलाइन से इसका पुनर्सत्यापन किया जाए। कुछ जिलों में  सीएमओ आदि स्वास्थ्य सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों के संक्रमित होने की जानकारी आई है। स्वास्थ्य विभाग ऐसे जिलों में तत्काल नवीन तैनाती की जाए। 


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