चित्रकूट में पुलिस और डकैत गिरोह के बीच मुठभेड़, एक सब-इंस्पेक्टर शहीद


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चित्रकुट. उत्तर प्रदेश में सत्ता बदलने के बाद भी सूबे में कानून व्यवस्था का हाल बेहाल है और अपराधियों के हौसले सातवें आसमान पर दिख रहा है. कानून व्यवस्था का आलम ये है कि यहां पुलिसकर्मी भी महफूज नहीं हैं. चित्रकूट के मानिकपुर के जंगल में सुबह 7 लाख के इनामी डकैत बबुली कोल और उसके गिरोह के साथ हुई मुठभेड़ में रैपुरा थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर जयप्रकाश सिंह शहीद हो गए. इस मुठभेड़ में एक घायल डकैत समेत 3 डकैतों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. वहीं मुठभेड़ में बाहिलपुरवा एसओ वीरेन्द्र त्रिपाठी को भी गोली लगी है.

सुबह करीब 5.30 बजे शुरू हुई मुठभेड़ 8 घंटे से ज्यादा का समय होने के बाद भी जारी है. पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि खुंखार बबुली कोल गिरोह जंगल किनारे के गांव निही चिरैया के करीब वन विभाग की चौकी के आसपास मौजूद है. इस पर पुलिस कप्तान ने मऊ और मानिक सर्किल की दो पुलिस टीमें बनाकर जंगल की तरफ रवाना किया.

पुलिस को देखते ही डकैत गिरोह ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं, पुलिस जब तक संभलती दरोगा जयप्रकाश सिंह के पेट और पैर में दो गोलियां लगीं. पुलिस जब तक उनको जंगल के बाहर लाती उनकी मौत हो गई.

खबरों के अनुसार पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मानिकपुर इलाके के जंगल में डकैत छिपे हुए हैं. इन डकैतों में बबुली कोल का गिरोह शामिल है.

इस जानकारी के मिलने के बाद पुलिस टीम ने जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया. पुलिस को देख कर इन डकैतों ने उनपर फायरिंग शुरू कर दी. फायरिंग के दौरान ही दारोगा जयप्रकाश सिंह को गोली लगी.

शहीद दरोगा जेपी सिंह मूल रूप से जौनपुर के नेवरिया थाना क्षेत्र के बनोवरा गांव के रहने वाले हैं. मुठभेड़ के बीच में बहिलपुरवा थाने के एसओ वीरेन्द्र त्रिपाठी को एक गोली लगी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए.


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