मुजफ्फरनगर में सीएम योगी ने कहा कोविड को प्रत्येक दशा में मात देने के लिए हमें कोविड से 10 कदम आगे रहने की आवश्यकता है


मुख्यमंत्री का जनपद मुजफ्फरनगर भ्रमण मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ कोरोना प्रबन्धन, बचाव एवं उपचार कार्यो की समीक्षा की

जनपद मुजफ्फरनगर के इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर का निरीक्षण

लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद मुजफ्फरनगर का भ्रमण कर वहां संचालित कोरोना प्रबन्धन, बचाव एवं उपचार कार्यों की समीक्षा की। इसके पूर्व, उन्होंने इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर (आई0सी0सी0सी0) का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने आई0सी0सी0सी0 में संचालित विभिन्न गतिविधियों को मौके पर परखा। उन्होंने आई0सी0सी0सी0 के कार्मिकों से होम आइसोलेशन के मरीजों से संवाद एवं टेलीकन्सलटेंसी, मेडिकल किट का वितरण आदि के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी की लड़ाई में आई0सी0सी0सी0 की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके माध्यम से कोरोना प्रबन्धन एवं नियंत्रण के कार्यों को कण्ट्रोल एवं माॅनीटर किया जा रहा है।

निरीक्षण के पश्चात मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ आहूत एक बैठक में कोरोना प्रबन्धन, बचाव एवं उपचार कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी को कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में मजबूूती के साथ मनोबल बनाए रखते हुए कार्य करना है। टीम वर्क के साथ काम करने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इससे बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे। कोविड को प्रत्येक दशा में मात देते के लिए हमें कोविड से 10 कदम आगे रहने की आवश्यकता है। उन्हांेने कहा कि अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के मध्य संवाद कायम रहना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कोविड अस्पतालों में मरीजों को अच्छा उपचार, गुणवत्तापरक भोजन एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो। इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाए कि रोगियों को कोई दिक्कत न हो। जनपद में ‘108’ सेवा की 75 प्रतिशत एम्बुलेंस का उपयोग कोविड कार्याें के लिए किया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में एम्बुलेंस तत्काल मरीज तक पहंुच सके। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों से निरन्तर संवाद एवं उन्हें मेडिकल किट की उपलब्धता प्रभावी तरीके से की जाए। जनपद में महिलाओं व बच्चों के लिए डेडिकेटेड अस्पताल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जनपद में पोस्ट कोविड वाॅर्ड संचालित किये जाने के निर्देश भी दिये।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गांवों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए विशेष जांच अभियान संचालित किया जा रहा है। निगरानी समितियां एक्टिव मोड में कार्य कर रही है। विशेष अभियान के तहत घर-घर जाकर लक्षणयुक्त तथा संक्रमण की दृष्टि से संदिग्ध लोगों के तापमान तथा आॅक्सीजन लेवल की जांच की जा रही है। इन व्यक्तियों को मेडिकल किट का वितरण भी किया जा रहा है। वृहद स्तर पर हाउस टू हाउस सर्वे का कार्य चल रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं नीति आयोग द्वारा प्रदेश सरकार के कोविड प्रबन्धन कार्याें की सराहना की गई है।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने मीडिया प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के पाॅजिटिविटी रेट में लगातार कमी आ रही है। उन्होंने कहा कि पाॅजिटिविटी रेट एक समय प्रदेश में 16.5 प्रतिशत था, जो आज घटकर मात्र 3.5 प्रतिशत रह गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अप्रैल माह के अन्त में 03 लाख 10 हजार एक्टिव केस थे, जो आज घटकर मात्र 01 लाख 49 हजार रह गये है। इस प्रकार विगत 16 दिनों में 01 लाख 61 हजार लोग कोरोना संक्रमण से स्वस्थ होकर अपने घरों को जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस समय रिकवरी दर 90 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, देश में सर्वाधिक कोविड जांच करने वाला राज्य है। प्रदेश में अब तक 4.5 करोड़ कोविड टेस्ट किये जा चुके हैं। इस समय प्रदेश में कोविड टेस्ट कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
अभियान के तहत लक्षणयुक्त एवं संदिग्ध व्यक्तियों को मेडिकल किट उपलब्ध करायी जा रही है। साथ ही, लोगों को आवश्यकतानुसार होम आइसोलेशन में, क्वारण्टीन सेण्टर या कोविड हाॅस्पिटल में पहुंचाया जा रहा है। निगरानी समितियां लक्षणयुक्त एवं संदिग्ध व्यक्तियों की सूची आई0सी0सी0सी0 को उपलब्ध कराती हैं। आई0सी0सी0सी0 द्वारा 24 घण्टे में रैपिड रिस्पाॅस टीम को गांव में भेजकर लक्षणयुक्त लोगों का एन्टीजन टेस्ट कराया जा रहा है तथा उनके उपचार की व्यवस्था की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि थर्ड वेव की आशंका को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार पूरी तरह से सतर्क है। इसमें बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए पीडियाट्रिक आई0सी0यू0 (पीकू) सभी जनपदों में स्थापित किये जा रहे हैं तथा इसके कुशल संचालन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किये गये हैं। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क कैटेगरी वाले लोग, जिसमें 60 वर्ष से ऊपर के लोग, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, कमजोर इम्युनिटी तथा एक से अधिक बीमारी से ग्रसित लोग शामिल हैं, वह घर से बाहर न निकलें तथा घर में भी मास्क का उपयोग करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्लैक फंगस के कुछ मामले प्रदेश में प्रकाश में आये हैं। इसके लिए एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। प्रदेश के सभी जनपदों में इसके उपचार की निःशुल्क व्यवस्था की गयी है। उन्होंने निर्देश दिये कि ब्लैक फंगस के साथ ही पोस्ट कोविड हेतु अलग वाॅर्ड बनाकर उनके लिए मुफ्त उपचार की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि हमारे लिए प्रत्येक व्यक्ति की जान महत्वपूर्ण है और उसकी ऊर्जा का उपयोग समाज व राष्ट्र के हित में किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार ने समस्त पात्र गृहस्थी एवं अन्त्योदय कार्ड धारक सहित सभी जरूरतमन्दों को तीन माह तक निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जरूरतमन्दों को प्रत्येक जनपद में कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन की व्यवस्था करा रही है। इसके अलावा, श्रमिक, प्रतिदिन मजदूरी करने वाले, स्ट्रीट वेण्डर, कुली, माली, पल्लेदार, नाई, धोबी, मोची इत्यादि सभी लोगों जो दिन प्रतिदिन की आजीविका पर आश्रित हैं उनको 1,000 रुपये मासिक भरण-पोषण भत्ता देने की स्वीकृति दी गयी है।

मुख्यमंत्री ने जनपद के ग्राम रामपुर में कंटेनमेंट जोन का निरीक्षण कर निगरानी समिति के सदस्यांे व ग्रामवासियांे के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि माॅस्क व सोशल डिस्टेंसिग का पालन प्रत्येक दशा में किया जाये। उन्होंने निर्देशित किया कि कंटेनमेंट जोन में सख्ती के साथ कोरोना प्रोटोकाॅल का पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि निगरानी समिति और अधिक सक्रिय होकर कार्य करें तथा लक्षणयुक्त तथा संक्रमण की दृष्टि से संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित करते हुए उन्हें कोविड प्रोटोकाॅल के अनुरूप इलाज उपलब्ध कराने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। निगरानी समितियां स्क्रीनिंग का कार्य करें तथा बिना देर किए मरीज को मेडिकल किट उपलब्ध करायी जाए।
मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस लाइन में पुलिस कर्मियों के लिए बनाये गये कोविड केयर सेन्टर/कोविड अस्पताल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान आवययक दिशा निर्देश भी दिये।
इस अवसर पर केन्द्रीय राज्यमंत्री मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी श्री संजीव कुमार बालियान, प्रदेश के व्यवसायिक शिक्षा, कौशल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री कपिल देव अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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